कोरोना के प्रकोप के बीच महाराष्ट्र में वैक्सीन 'आउट ऑफ स्टॉक'? जानें किस जिले में क्या हैं हालात

राज्य में वैक्सीनेशन ड्राइव के प्रमुख डॉ. डीएन पाटिल ने आजतक से कहा ''राज्य में रोज साढ़े चार लाख लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है, जितना स्टॉक राज्य में है उससे तीन से चार दिनों तक राज्य में वैक्सीनेशन हो सकता है. इसको ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र को उसी मात्रा में वैक्सीनेशन स्टॉक उपलब्ध करना चाहिए.''

Advertisement
महाराष्ट्र में वैक्सीन की किल्लत (फाइल फोटो) महाराष्ट्र में वैक्सीन की किल्लत (फाइल फोटो)

पंकज खेळकर

  • मुंबई ,
  • 09 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 6:47 PM IST
  • कई जिलों में एक दिन का ही स्टॉक बचा है
  • वैक्सीन के कारण बहुत से केंद्रों पर रुका टीकाकरण
  • केंद्रों से लौट-लौट कर घर जा रहे लोग

महाराष्ट्र में कोविड वैक्सीन खत्म हो चुकी है, फिलहाल ऐसा नहीं कह सकते, लेकिन राज्य के बहुत से जिलों में वैक्सीन की किल्लत जरूर आ गई है. जहां अगले दो-तीन दिनों में वैक्सीन डोज खत्म हो जाएंगी. महाराष्ट्र, कोरोना महामारी के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित और संक्रमित राज्य बन चुका है.

महाराष्ट्र राज्य में वैक्सीनेशन ड्राइव के प्रमुख डॉ. डीएन पाटिल ने आजतक से कहा ''राज्य में रोज साढ़े चार लाख लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है, जितना स्टॉक राज्य में है उससे तीन से चार दिनों तक राज्य में वैक्सीनेशन हो सकता है. आज की तारीख में राज्य के पास सिर्फ 9 लाख वैक्सीन डोज उपलब्ध हैं. इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को उसी मात्रा में वैक्सीनेशन स्टॉक उपलब्ध करना चाहिए.''

Advertisement

इसी तरह पुणे महानगर पालिका आयुक्त विक्रम कुमार ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा ''पुणे शहर के लिए अब तक 5 लाख 97 हजार डोज़ प्राप्त हुए हैं, इसमें से 5 लाख 45 हजार लोगों का टीकाकरण हो चुका है. तीन दिनों तक वैक्सीन उपलब्ध है और वैक्सीन प्राप्त होने वाली हैं. शहर में कुल 125 टीकाकरण केंद्र है जिसमें से कुछ केंद्र पर वैक्सीनेशन बंद है. लेकिन इन केंद्रों पर भी जल्द ही वैक्सीनेशन शुरू होगा ऐसी उम्मीद है.''

विक्रम कुमार ने आगे कहा कि जानकारी ये भी मिली है कि कुछ बड़े अस्पतालों में वैक्सीन के डोज ज्यादा मात्रा में उपलब्ध हैं, अब ये डोज़ अन्य छोटे सेंटर्स पर वितरित करने के बारे में पुणे महापालिका स्वास्थ विभाग सोच रहा है. पुणे जिले में कुल 318 वैक्सीनेशन सेंटर हैं जिसमें से, 8 अप्रैल को 195 सेंटर्स शुरू थे और 123 सेंटर्स बंद थे. 8 अप्रैल के दिन तक ग्रामीण पुणे में 31,743 डोज़ उपलब्ध हैं. पुणे शहर में वैक्सीनेशन के 129 सेंटर्स हैं इनमें से 115 सेंटर्स अभी भी ओपन हैं, वहीं 14 सेंटर्स पर वैक्सीनेशन बंद हैं.

Advertisement

राज्य की उपराजधानी नागपुर में भी कोरोना का कहर जारी है , शहर और ग्रामीण नागपुर में वैक्सीनेशन शुरू  है. लेकिन कुछ सेंटर्स पर कोवैक्सीन उपलब्ध नहीं होने से कुछ सेंटर्स पर वैक्सीनेशन बंद कर करना पड़ा. शुक्रवार दोपहर तक कोवैक्सीन, वैक्सीनेशन के लिए उपलब्ध रहेगी.

नागपुर महानगर पालिका आयुक्त राधाकृष्णन के मुताबिक ''शुक्रवार को 35,000 वैक्सीन डोज स्टॉक में हैं. नागपुर जिले में अब तक 6,04,214 लोगों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है. नागपुर शहर में 80 वैक्सीनेशन केंद्र हैं, जिसमें से 6 सेंटर पर कोवैक्सीन के  टीके का स्टॉक खत्म होने से ये केंद्र फिलहाल बंद हैं. कोविशील्ड वैक्सीन का स्टॉक अगले दो दिन और जारी रहेगा, तब तक और वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध हो जाएगा ऐसी उम्मीद है.''

इसी प्रकार अमरावती में अगले 2 दिन तक और वैक्सीनेशन किया जा सकेगा क्योंकि वहां अभी 15,000 टीके स्टॉक में रखे हुए हैं. अकोला में भी 9700 वैक्सीन डोज बची हुई हैं. इससे अगले दो दिन का काम चल जाएगा. नांदेड़ में फिलहाल वैक्सीन की उतनी बड़ी किल्लत नहीं है. नांदेड़ में 47 से 50 हजार डोज उपलब्ध हैं.

अहमदनगर में अब तक 2,22,000 वैक्सीन आईं थीं जिसमें से अब महज 37,000 डोज बची हैं. नासिक में मंगलवार को 33,280 डोज उपलब्ध थीं. जिले में रोजाना 10,000 नागरिकों को टीके दिए जाते हैं. इसका मतलब है कि यहां भारी किल्लत रहने वाली है. औरंगाबाद में अब तक 1,58,000 लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है जिसमें से अब मात्र 24,000 वैक्सीन ही मौजूद हैं. ये स्टॉक अगले 3 से 4 दिन में खत्म हो जाएगा.

Advertisement

वहीं उस्मानाबाद में 16790 वैक्सीन बाकी हैं. हिंगोली जिले में भी वैक्सीन की किल्लत है यहां पर महज 2200 वैक्सीन बची हैं. गढ़चिरौली में 21,226 वैक्सीन उपलब्ध हैं जोकि 3 से 4 दिन दिन ही चल सकेंगी.

रायगढ़ में एक दिन के लायक भी वैक्सीन नहीं बची हैं. कोल्हापुर में, शहर में 11 केंद्रों पर वैक्सीनेशन चल रहा था लेकिन अब दो ही केंद्रों पर वैक्सीनेशन का काम जारी है, यहां भी वैक्सीन की भारी किल्लत है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »