DRDO के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. कुरुलकर को HC से नहीं मिली जमानत, पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी देने के आरोप

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को सेवानिवृत्त डीआरडीओ वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर की जमानत याचिका खारिज कर दी. कुरुलकर पर पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी से संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है. कोर्ट ने कहा कि उन्होंने घनिष्ठ बातचीत के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तानी अधिकारी को दी थी.

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत देने से इंकार किया. (फोटो-ITG) बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत देने से इंकार किया. (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 15 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:19 PM IST

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को रिटायर्ड DRDO वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को जमानत देने से इनकार कर दिया. कुरुलकर को 2023 में एक कथित पाकिस्तानी महिला खुफिया एजेंट के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने कहा कि उन्होंने अंतरंग बातचीत के दौरान अहम जानकारी लीक की थी. जस्टिस एस.जी. डिगे की बेंच ने यह भी कहा कि, भले ही कुरुलकर अब रिटायर्ड हो चुके हैं, लेकिन वे उन गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं जिन्होंने उनके अधीन काम किया है, और वे फरार भी हो सकते हैं.

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60 वर्षीय कुरुलकर को महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने 3 मई, 2023 को एक संदिग्ध हनी-ट्रैप जासूसी मामले में गिरफ्तार किया था. यह गिरफ्तारी रक्षा अनुसंधान संस्थान द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत के आधार पर की गई थी. आरोपी ने दावा किया है कि जिस जानकारी को पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी को दिए जाने का आरोप है, वह पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है. अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि इन बातचीत में संवेदनशील रक्षा जानकारी शामिल थी.

कुरुलकर को जमानत देने से इनकार करते हुए बेंच ने कहा कि DRDO (रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन) में एक वरिष्ठ पद पर होने के बावजूद, कुरुलकर ने पाकिस्तान स्थित एक अधिकारी के साथ एक साल से भी ज्यादा समय तक अंतरंग बातचीत जारी रखी और अहम जानकारी लीक की.

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कोर्ट ने आगे कहा कि भले ही कुरुलकर अब रिटायर्ड हो चुके हैं, लेकिन इस मामले के कुछ गवाह उनके जूनियर रहे हैं, इसलिए वे उन्हें प्रभावित कर सकते हैं. बेंच ने यह भी कहा कि इस बात की भी संभावना है कि वे फरार हो सकते हैं. ATS के अनुसार, जांचकर्ताओं ने वैज्ञानिक और एक महिला के बीच हुई बातचीत को बरामद किया है, जिसे उन्होंने 'विस्फोटक' (बेहद अहम) बताया है. इस महिला का कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से संबंध बताया जा रहा है.

ATS को संदेह है कि कुरुलकर उस समय DRDO में निदेशक (अनुसंधान और विकास) के पद पर थे, उन्होंने इन बातचीत के दौरान कई रणनीतिक रक्षा प्रणालियों से संबंधित जानकारियों पर चर्चा की और उस महिला के साथ अंतरंग संबंध बनाने की कोशिश में गोपनीय जानकारी साझा की.

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