पुलिस ने ब्यावरा के एसडीएम संदीप अष्ठाना की शिकायत पर केस दर्ज किया है. बुधवार को राजगढ़ ज़िले के ब्यावरा में सभा को सम्बोधित करते हुए बीजेपी नेता बद्रीलाल यादव ने राजगढ़ कलेक्टर पर आपत्तिजनक बयान दिया था. हैरान करने वाल यह थी कि इस सभा में प्रदर्शन में कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राकेश सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव जैसे
कैलाश विजयवर्गीय और शिवराज के आने से पहले मंच से भाषण देते हुए कहा था कि 'मेरी बात को गलत मत समझना लेकिन एक बात मेरे मन मे आयी इसलिए बोल रहा हूं. कलेक्टर कांग्रेसियों को गोद में बिठाकर दूध पिलाती हैं और बीजेपी वालों को चांटा मारती हैं.'
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बद्रीलाल यादव के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई थी और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा था. वहीं आईएएस एसोसिएशन ने भी चीफ सेक्रेटरी को खत लिख महिला अफसरों पर की गई टिप्पणी को अशोभनीय बताया था.
बीजेपी नेताओं ने लांघी शब्दों की मर्यादा
हालांकि सिर्फ बद्रीलाल ही नहीं, बीजेपी के बाकी नेता भी जब मंच पर भाषण देने उतरे थे तो वो सीमा लांघते नजर आए थे. बीजेपी नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यहां तक कहा था कि
दरअसल, सीएए के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे बीजेपी कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने पर गोपाल भार्गव ने महिला कलेक्टर को संबोधित करते हुए कहा था कि आपको भीड़ में घुसने की क्या जरूरत थी? साथ ही गोपाल भार्गव ने पुलिस की क्षमता पर सवाल उठाते हुए महिला कलेक्टर को ज्यादा गर्मी होने का पाठ भी पढ़ाया था.
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जब बिगड़े दिग्गज नेताओं के बोल
सिर्फ मध्यप्रदेश बीजेपी के नेता ही नहीं, बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय नेता भी प्रदर्शन के दौरान अपनी जुबान पर काबू नहीं रख पाए थे. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी मंच से महिला अधिकारी पर खूब बरसे और बताते हुए कहा कि वहां से यह वायरस आ गया है और इस वायरस को डेमोक्रेटिक रूप से खत्म करना चाहिए.
कैलाश विजयवर्गीय ने आलोचना करते हुए कहा था कि 'कमलनाथ जी मैं चेतावनी देता हूं कि अगर आपने इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो बीजेपी कार्यकर्ता आपकी कलेक्टर के खिलाफ सीधी कार्रवाई करेगा.'
इसके अलावा कैलाश विजयवर्गीय ने महिला कलेक्टर पर निजी टिप्पणी भी की थी और कहा था कि 'उन्हें बीजेपी के जिलाध्यक्ष का नाम दिलबर नहीं पता होगा. ये तो बहुत अच्छा नाम है. ने कहा था कि 'मैं तो सीधी कार्रवाई पर यकीन रखता हूं. संगीत का एक सूत्र है, जो जैसा गाए वैसा हमको बजाना चाहिए. राजगढ़ के लोग इसमें थोड़ा पिछड़ गए.'
रवीश पाल सिंह