झारखंड में कांग्रेस को ढाई गुना फायदा, 52 फीसदी रहा स्ट्राइक रेट

झारखंड के चुनाव नतीजे कांग्रेस के लिए ठंडी फुहारों की तरह आए. महाराष्ट्र में सरकार में शामिल होने के बाद झारखंड में भी कांग्रेस सत्ता में भागीदारी बनाने जा रही है. झारखंड में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है. पार्टी ने झारखंड में 16 सीटें जीती हैं. इस बार कांग्रेस झारखंड में जेएमएम-आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ी और 31 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और 16 सीटों पर जीत हासिल की.

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झारखंड में कांग्रेस की जीत का जश्न मनाता एक शख्स (फोटो-पीटीआई) झारखंड में कांग्रेस की जीत का जश्न मनाता एक शख्स (फोटो-पीटीआई)

aajtak.in

  • रांची,
  • 24 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

  • झारखंड में गदगद कांग्रेस
  • 19 सालों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
  • 4 महिलाएं भी चनाव जीतीं

झारखंड के चुनाव नतीजे कांग्रेस के लिए ठंडी फुहारों की तरह आए. महाराष्ट्र में सरकार में शामिल होने के बाद झारखंड में भी कांग्रेस सत्ता में भागीदारी बनाने जा रही है. झारखंड में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है. पार्टी ने झारखंड में 16 सीटें जीती हैं. इस बार कांग्रेस झारखंड में जेएमएम आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ी और 31 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और 16 सीटों पर जीत हासिल की. कांग्रेस का झारखंड में ये अधिकतम स्कोर है.

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अगर आंकडों के हिसाब से देखें तो में कांग्रेस का स्ट्राइक रेट 51.6 प्रतिशत रहा. मात्र पांच साल पहले 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 63 सीटों पर लड़ी थी और 6 सीटें जीती थी, तब पार्टी की कामयाबी दर 10 फीसदी थी, लेकिन 5 साल में इसमें लगभग 42 फीसदी का इजाफा हुआ. इस लिहाज से कांग्रेस ने झारखंड में 2014 के मुकाबले ढाई गुना कामयाही हासिल की.

कांग्रेस पिछले पांच साल में लगातार अपनी स्थिति मजबूत करती रही. पार्टी में 2015 में उपचुनाव में और 2018 में कोलेबिरा उपचुनाव सीट में कांग्रेस ने जीत हासिल की.

इस बार कांग्रेस ने महिलाओं पर भी भरोसा किया. पार्टी ने 6 महिला प्रत्याशी उतारे जिनमें 4 ने जीत दर्ज की. अंबा प्रसाद, पूर्णिमा सिंह, ममता देवी और दीपिका पांडेय ने अपनी-अपनी सीटों पर जीत हासिल कर पार्टी को मजबूती दी थी.

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बागियों से नहीं डिगी कांग्रेस

इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को लगातार बगावत का सामना करना पड़ा. पार्टी चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने इस्तीफा दे दिया. पूर्व अध्यक्ष सुखदेव भगत और प्रदीप बालमुचू पार्टी छोड़ दूसरे दल में शामिल हो गए. लेकिन कांग्रेस ने अपने कोर वोटर पर भरोसा बनाए रखा.

अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

2019 का विधानसभा चुनाव विधायकों के लिहाज से कांग्रेस के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लेकर आया.  2005 में पार्टी ने 09 सीटें जीती थीं, 2009 में पार्टी ने अपना परफॉर्मेंस सुधारा और उसके विधायकों की संख्या 14 पहुंच गई. 2014 में मोदी लहर का नुकसान पार्टी को झेलना पड़ा और पार्टी के विधायकों की संख्या 06 पहुंच गई. इस बार पार्टी ने न सिर्फ आदिवासी इलाकों में अपनी पैठ बनाई बल्कि छोटानागपुर प्रमंडल में भी जीत हासिल करने में सफल रही है. कांग्रेस ने लोहरदगा, कोलेबिरा, सिमडेगा, खिजरी जैसी आदिवासी बहुल सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं शहरी इलाकों की बात करें तो जमशेदपुर पश्चिमी, बेरमो, झरिया, रामगढ़, बरही जैसे सीटों पर जीत का परचम बुलंद किया है.

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