MP के मंदिरों के लिए तैयार होगा 'वैष्णो देवी मॉडल', कटरा जाकर CM मोहन यादव ने समझा 'क्राउड मैनजमेंट'

CM Mohan Yadav Vaishno Devi Visit: मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने माता वैष्णो देवी मंदिर की प्रबंधन व्यवस्था का अध्ययन किया. अब महाकाल, ओंकारेश्वर और धार भोजशाला मंदिरों के लिए बनेगा नया भीड़ प्रबंधन मॉडल...

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माता वैष्णो देवी पहुंचे CM मोहन यादव.(File Photo) माता वैष्णो देवी पहुंचे CM मोहन यादव.(File Photo)

aajtak.in

  • रियासी/भोपाल,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:08 PM IST

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किए. उनका यह दौरा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए केस स्टडी थी. सीएम मोहन यादव ने कहा कि वे अधिकारियों की एक विशेष टीम के साथ यहां के वर्ल्ड क्लास मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और जन सेवाओं का बारीकी से अध्ययन करने आए हैं, ताकि मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही एक 'प्रभावी मॉडल प्रोजेक्ट' तैयार किया जा सके.

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CM मोहन यादव ने कटरा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपने इस दौरे के मुख्य प्रशासनिक उद्देश्यों को बताया. उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य के प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए एक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहती है.

प्रस्तावित मॉडल मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर केंद्रित होगा:-

भीड़ प्रबंधन: त्योहारों और विशेष अवसरों पर जुटने वाली लाखों की भीड़ को बिना किसी हादसे या अव्यवस्था के नियंत्रित करना.

जन सेवाएं: तीर्थयात्रियों के लिए रुकने, परिवहन, स्वच्छता और चिकित्सा की बेहतरीन सुविधाएं सुनिश्चित करना.

धार्मिक सेवाएं: दर्शन की प्रक्रिया को सुलभ, पारदर्शी और समय के हिसाब से बनाना.

CM यादव ने कहा, "इस दृष्टिकोण से कि भीड़ प्रबंधन, जन सेवाओं और धार्मिक सेवाओं पर आधारित एक प्रभावी मॉडल प्रोजेक्ट कैसे तैयार किया जा सकता है, हमने देश भर के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग टीमें भेजी हैं और वहाँ की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया है. हम यहाँ माता रानी का आशीर्वाद लेने भी आए हैं." देखें VIDEO:- 

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देशभर के धार्मिक स्थलों पर भेजी गई हैं टीमें

मुख्यमंत्री ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि सिर्फ वैष्णो देवी ही नहीं, बल्कि देश भर के विभिन्न बड़े और सफल धार्मिक स्थलों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं और उनके 'सेवा मॉडलों' का अध्ययन करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कई टीमें भेजी हैं.

वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन ने उन्हें जानकारी दी है कि बोर्ड के तहत सिर्फ तीर्थयात्रा ही नहीं, बल्कि कई बड़े कल्याणकारी कार्य भी चलाए जा रहे हैं, जिनमें एक यूनिवर्सिटी और एक मेडिकल कॉलेज का संचालन भी शामिल है. इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद सुव्यवस्थित योजना लागू है जिससे लोग बिना किसी परेशानी के दर्शन कर पाते हैं. एमपी सरकार भी इसी तर्ज पर आगे बढ़ने की योजना बना रही है.

महाकाल, ओंकारेश्वर और भोजशाला का जिक्र
मुख्यमंत्री ने हालिया कानूनी और प्रशासनिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश के तीन सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर (उज्जैन), ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर (खंडवा) और माता बागदेवी का मंदिर (धार - भोजशाला) का खास तौर पर उल्लेख किया.

उन्होंने कहा कि इन सभी को एक तरह से माननीय हाई कोर्ट ने मंदिर संस्थाओं के रूप में मान्यता दी है. ऐसे में इन स्थानों पर आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी रिकॉर्ड बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिसके लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्थाओं का होना अनिवार्य है.

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भोजशाला मामले में हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला 
मुख्यमंत्री के इस दौरे को धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर पर आए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है. पिछले हफ़्ते ही हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ किया कि यह विवादित परिसर वास्तव में ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है.

ASI का पुराना आदेश रद्द
अदालत ने इसके साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के दशकों पुराने उस आदेश को पूरी तरह निरस्त कर दिया, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को इस विवादित स्थल पर हर शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी.

हिंदुओं को बिना रोक-टोक प्रवेश
हाई कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद, एएसआई (ASI) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हिंदुओं को इस ऐतिहासिक स्मारक में नियमित रूप से पूजा-अर्चना, आरती और अन्य सभी धार्मिक कार्यों के लिए बिना किसी रोक-टोक और पाबंदी के प्रवेश की अनुमति दे दी है.

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