हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम बना खतरा, कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे पर पैराग्लाइडर की इमरजेंसी लैंडिंग

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में तेज हवाओं के कारण एक पैराग्लाइडर को कटराईं क्षेत्र में कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. पायलट और पर्यटक सुरक्षित बच गए, लेकिन घटना ने पैराग्लाइडिंग सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले वर्षों में कुल्लू में कई पैराग्लाइडिंग हादसों में पर्यटकों की जान जा चुकी है.

Advertisement
कुल्लू-मनाली NH पर पैराग्लाइडर की आपात लैंडिंग कराई गई. (Photo: Screengrab) कुल्लू-मनाली NH पर पैराग्लाइडर की आपात लैंडिंग कराई गई. (Photo: Screengrab)

मनमिंदर अरोड़ा

  • कुल्लू,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:27 PM IST

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पैराग्लाइडिंग से जुड़ा एक और चिंताजनक मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक पैराग्लाइडर को कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कटराईं इलाके में आपातकालीन लैंडिंग करते देखा गया. बताया जा रहा है कि पैराग्लाइडर ने डोभी साइट से उड़ान भरी थी, लेकिन तेज हवाओं के कारण उसे सड़क पर उतरना पड़ा.

Advertisement

गनीमत रही कि इस घटना में पायलट और पर्यटक दोनों सुरक्षित बच गए. हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर कुल्लू में एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम में उड़ान भरना लगातार हादसों की बड़ी वजह बन रहा है.

हादसों में जा चुकी है जान
पिछले कुछ वर्षों में कुल्लू क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग से जुड़े कई हादसे सामने आ चुके हैं. जनवरी 2025 में हैदराबाद के एक 31 वर्षीय पर्यटक की रैसन में तेज हवा के झोंके के कारण मौत हो गई थी. फरवरी 2024 में तेलंगाना की एक महिला पर्यटक डोभी में उड़ान के दौरान नीचे गिर गई थी, जिसमें उसकी जान चली गई. आरोप था कि ऑपरेटर ने सुरक्षा हार्नेस ठीक से नहीं बांधा था.

80 फीट नीचे गिरा था पर्यटक
इसके अलावा, ढालपुर में एक टेंडम पैराग्लाइडर तेज हवा के कारण पेड़ से टकरा गया था, जिसके बाद फायर ब्रिगेड को बचाव अभियान चलाना पड़ा. दिसंबर 2025 में गरसा साइट पर उपकरण में खराबी आने से एक पर्यटक करीब 80 फीट नीचे गिर गया था.

Advertisement

लगातार सामने आ रहे हादसों के बाद प्रशासन कई पैराग्लाइडिंग साइटों पर संचालन अस्थायी रूप से बंद कर चुका है. अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और निगरानी की कमी के कारण जोखिम बढ़ रहा है.

बिना लाइसेंस के भर रहे उड़ान
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्यटन विभाग में कर्मचारियों की कमी के चलते पर्याप्त निगरानी नहीं हो पा रही है. कई पायलट बिना जरूरी लाइसेंस के उड़ान भर रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में खराब क्वालिटी के उपकरणों के इस्तेमाल की शिकायतें भी सामने आई हैं.

विशेषज्ञों और अधिकारियों ने एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए सख्त सुरक्षा मानकों और स्थायी नियामक व्यवस्था लागू करने की मांग की है. उनका कहना है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है. कटराईं की यह घटना इसी आवश्यकता की एक और चेतावनी मानी जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »