SC ने हरियाणा पंचायत चुनाव में शैक्षणि‍क योग्यता के कानून पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा पंचायत चुनाव को लेकर पंचायती राज कानून में किए गए बदलाव पर रोक लगा दी है. राज्य सरकार ने चुनावों में शैक्षणिक योग्यता का पैमाना तय किया था, जिस पर विवाद था. कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए 4 हफ्ते में जवाब भी मांगा है.

Advertisement
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थि‍त सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थि‍त सुप्रीम कोर्ट

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2015,
  • अपडेटेड 7:06 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा पंचायत चुनाव को लेकर पंचायती राज कानून में किए गए बदलाव पर रोक लगा दी है. राज्य सरकार ने चुनावों में शैक्षणिक योग्यता का पैमाना तय किया था, जिस पर विवाद था. कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए 4 हफ्ते में जवाब भी मांगा है.

कोर्ट के आदेश के बाद अब सरकारी की ओर से जवाब आने तक बदलाव के पहले के नियम लागू रहेंगे. सरकार के इस फैसले को महिला संगठन AIDWA की जगमती सांगवान ने चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से को बड़ा झटका लगा है. अब देखना ये होगा कि इस अंतरिम आदेश का चालू चुनाव प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा.

Advertisement

याचिकाकर्ता जगमती सांगवान ने याचिका में कहा है कि सरकार के इस फैसले से 83 फीसदी दलित महिलाएं चुनाव लड़ने से वंचित रह जाएंगी. हरियाणा सरकार ने पंचायती राज कानून में बदलाव लाने संबंधी संशोधन विधेयक विधानसभा में ध्वनिमत से पारित किया था.

क्या कुछ है नए कानून में
सरकार की ओर से में संशोधन पर पंचायत चुनाव लड़ने के लिए चार शर्तें लागू की गई थीं. इसमें महिलाओं और एससी वर्ग के लिए शैक्षिक योग्यता 8वीं और बाकी सभी के लिए 10वीं पास कर दिया गया है. यही नहीं, सरकार ने पर्चा भरने से पहले घर में टॉयलेट होना, सहकारी बैंक का लोन और बिजली बिल समेत सभी सरकारी देनदारियों का भुगतान निपटाना व 10 साल की सजा के प्रावधान वाले मामलों में प्रत्याशी का चार्जशीटेड न होना को शामिल कर दिया. 21 साल बाद हरियाणा पंचायतीराज एक्ट-1994 में यह पहला संशोधन किया गया था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »