ग्राउंड रिपोर्ट: परेशानी के बाद भी नोटबंदी का समर्थन कर रहे ग्रामीण

500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद गांव के बड़े बुजुर्ग और नौजवान नोटबंदी पर क्या सोचते हैं ये जानने के लिए गांव की चौपाल पर भी आज तक पहुंचा.

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अशोक सिंघल

  • हिसार,
  • 12 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 9:00 PM IST

नोटबंदी के बाद गांव के एक परिवार पर क्या असर पड़ा है, ये जानने के लिए आज तक हरियाणा के हिसार जिले के दुर्जनपुर गांव पहुंचा. यहां एक किसान का परिवार चूल्हे पर खाना बनाकर परिवार के साथ भोजन करता मिला. नोटबंदी का खाने पर चूल्हे पर क्या असर पड़ा इस बारे में परिवार की मुखिया और किसान जयप्रकाश की मां गीता देवी का कहना है कि वैसे तो नोटबंदी का हमारी रसोई पर, हमारी चूल्हे पर कोई खास असर नहीं पड़ा है.

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उन्होंने कहा कि थोड़ा बच्चों के कपड़े उनकी स्कूल की ड्रेस मौसम के साथ से खरीदने में थोड़ा परेशानी जरूर है, लेकिन यह फैसला बहुत अच्छा है. थोड़ी परेशानी जरूर है, लेकिन चीजें सब ठीक हो जाएंगी. खाना बना रही उनकी बहू भगवती का कहना है बच्चों के नजरिए से, उनके कपड़ों से और उनके स्कूल के तरीके से देखा जाए तो थोड़ी परेशानी है, लेकिन खाने पीने और चूल्हे से उनको कोई परेशानी नहीं हो रही है. फैसला अच्छा है. आगे जाकर सब ठीक हो जाएगा. सब को फायदा होगा. मगर घर में इकलौते कमाने वाले छोटा मोटा काम करने वाले जयप्रकाश का कहना है कि हम फैसले के साथ हैं. फैसला भ्रष्टाचार कालाधन को खत्म करने वाला है. लेकिन कैशलेस पूरी तरीके से जब हो जाएगा, तब फायदा होगा. अभी नए नोटों की करेंसी की परेशानी के चलते दिक्कत आ रही है.

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लेकिन दूसरी तरफ एक और परिवार से जाकर बात की तो वहां पर महिलाओं दर्शना और मंजू का कहना था कि फैसला ठीक है. आगे जाकर पता चलेगा लेकिन पैसे ना मिलने के कारण कई बार सब्जी-भाजी राशन लाने में थोड़ा दिक्कत होती है. जिस वजह से कई बार बिना सब्जी के चटनी के साथ खाना खाना पड़ता है और कैशलेस के बारे उनको जानकारी नहीं है.

चौपाल से नोट बंदी पर खास रिपोर्ट
500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद गांव के बड़े बुजुर्ग और नौजवान नोटबंदी पर क्या सोचते हैं ये जानने के लिए गांव की चौपाल पर भी आज तक पहुंचा. नोटबंदी का असर जाने के लिए आज तक ने गांव की चौपाल में मौजूद बड़े बुजुर्गों नौजवानों से बातचीत की. सभी लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो लोग मोदी का फैसला किया है वह एकदम सही फैसला है. वो उसके साथ है. इससे भ्रष्टाचार और कालाधन खत्म होगा. गांव के युवा महेंद्र का कहना है कि इससे किसानों को और नौजवानों को फायदा होगा और कैशलेस करने की दिशा में जो प्रधानमंत्री कह रहे हैं वह सही कदम है और किस दिशा में लोग बढ़ रहे हैं और हमारा गांव भी कैशलेस की दिशा में बढ़ रहा है और खुद मैं भी डिजिटल होना चाहता हूं.

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गांव के सरपंच शक्ति वीर का कहना है किसान को इससे कोई परेशानी नहीं है. मोदी ने बहुत अच्छा काम किया है. थोड़ी परेशानी है नोटों को लेकर लेकिन आगे जाकर सब ठीक हो जाएगा. किसान तेजेंद्र सरोहा का कहना है की मंडी में हम लोगों को चेक से पेमेंट हो जाती है और ज्यादा परेशानी नहीं है. प्रधानमंत्री ने खुद कहा है कि कुछ दिनों की परेशानी है. सब ठीक हो जाएगा. उन पर विश्वास करना चाहिए.

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