हार्दिक पटेल को मिली जमानत, राजद्रोह के केस में हुए थे गिरफ्तार

राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल को बुधवार को जमानत मिल गई है. कांग्रेस नेता को विरमगांव के पास हासलपूर से गिरफ्तार किया गया था. उनको राजद्रोह के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था.

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हार्दिक पटेल को तीन दिन बाद मिली जमानत (फाइल फोटो) हार्दिक पटेल को तीन दिन बाद मिली जमानत (फाइल फोटो)

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 22 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 12:13 AM IST

  • हार्दिक पटेल को विरमगांव के पास से पुलिस ने किया था गिरफ्तार
  • हार्दिक की गैरमौजूदगी से कोर्ट ने जारी किया था गैर जमानती वारंट

राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस नेता को बुधवार को जमानत मिल गई. तीन दिन तक जेल में रहने के बाद हार्दिक पटेल को जमानत मिली है. कांग्रेस नेता को विरमगांव के पास हासलपूर से गिरफ्तार किया गया था. उनको राजद्रोह के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में कोर्ट ने हार्दिक पटेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था.

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जमानत मिलने के बाद भी जेल में बिताएंगे रात

हार्दिक पटेल को जमानत तो मिल गई लेकिन जरूरी कागजात पहुंच नहीं पाने के कारण उन्हें एक रात और जेल में बितानी पड़ेगी. हार्दिक पटेल गुरुवार को जेल से बाहर आएंगे पर उन्हें यह आजादी थोड़ी देर के लिए ही नसीब होगी,  क्योंकि जेल के बाहर आते ही मानसा पुलिस हार्दिक पटेल को हिरासत में ले सकती है, जिसके बाद ट्रांसफर वारंट से सिद्धपुर पुलिस हार्दिक को पूछताछ के लिए सिद्धपुर ले जाएगी.

2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान चुनावी सभाओं में आचार संहिता भंग के मामले में हार्दिक पटेल को सिद्धपुर और मानसा पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी.

हार्दिक पटेल को पुलिस ने 18 जनवरी को किया था गिरफ्तार

कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल को विरमगांव के पास हासलपूर से 18 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था. राजद्रोह के एक मामले में कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था और 24 जनवरी को हाजिर होने को कहा था. हालांकि उनको पुलिस ने उससे पहले ही गिरफ्तार कर लिया था.

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कोर्ट ने जारी किया था गैर जमानती वारंट

जानकारी के मुताबिक अहमदाबाद की एक अदालत ने 18 जनवरी को हार्दिक पटेल के खिलाफ पाटीदार आरक्षण समर्थक रैली के बाद हुई हिंसा के मामले में दायर राजद्रोह के एक केस में गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था. बताया जा रहा है कि अदालत ने सुनवाई के दौरान हार्दिक की लगातार गैरमौजूदगी की वजह से यह गैर जमानती वारंट जारी किया था. अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बीजे गणात्रा की कोर्ट ने हार्दिक के खिलाफ वारंट जारी करने के बाद मामले की अगली सुनवाई 24 जनवरी को तय की थी.

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2015 की रैली के बाद राज्य में हुई थी हिंसा

बता दें कि 25 अगस्त 2015 को अहमदाबाद में जीएमडीसी मैदान में समर्थक रैली के बाद राज्य भर में तोड़फोड़ और हिंसा हुई थी जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसी साल अक्टूबर में एक केस दर्ज किया था. पुलिस ने अपनी चार्जशीट में हार्दिक और उनके कुछ सहयोगियों पर हिंसा फैलाने और चुनी हुई सरकार को गिराने का षडयंत्र करने का आरोप लगाया था.

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