सूरत आग: मोदी सरकार का जवाब- समय की कमी के कारण नहीं बचाई जा सकी जान

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने संसद में कहा कि कार्रवाई के लिए समय की कमी के कारण चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को बचाया नहीं जा सका.

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सूरत कोचिंग सेंटर आग सूरत कोचिंग सेंटर आग

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 1:32 PM IST

गुजरात के सूरत कोचिंग सेंटर आग के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय का बयान आया है. नित्यानंद राय ने बुधवार को कहा कि कार्रवाई के लिए समय की कमी के कारण चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को बचाया नहीं जा सका. दुर्घटना स्थल पर अग्निशामक दल तत्काल पहुंचा था. 15 लोगों की जान बचाई गई.

सूरत में मई महीने में लगी भीषण आग में 23 छात्र मारे गए थे. इस घटना के बाद अधिकारियों ने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों को आग से सुरक्षा संबंधी सभी मानक अपनाने का आदेश दिया गया है. इसका पालन नहीं करने वालों को आगे काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में आग से सुरक्षा के उपाय अपनाने की जांच शुरू कर दी है. अन्य शहरों में निजी अस्पताओं और अन्य संस्थानों में भी आग से सुरक्षा के उपाय अपनाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. इस क्रम में राजधानी गांधीनगर में लाइब्रेरी सहित कई संस्थानों को सील कर दिया गया है, जिसमें भरूच में 40 कोचिंग संस्थानों के साथ ही अन्य शहरों में स्थित कोचिंग संस्थान शामिल हैं.

चार-मंजिला इमारत के ऊपरी तल पर एक कला कोचिंग सेंटर में आग लगने से मारे गए अधिकांश छात्र 14 से 17 वर्ष की आयु के थे. इनमें से कुछ विद्यार्थियों का कक्षा 12वीं का रिजल्ट आने वाला था. अधिकारियों ने बताया कि आग ग्राउंड फ्लोर से बढ़ती हुई शीर्ष मंजिल तक जा पहुंची. दूसरी कक्षा में बैठे कुछ छात्र आग से बचने के लिए छत पर चढ़ गए लेकिन इसके बाद उन्होंने खुद को वहां फंसा हुआ पाया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने पर तक्षशिला आर्केड बिल्डिंग में लगभग 50 छात्र रहे होंगे.

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