अहमदाबाद: NEET पेपर लीक को लेकर भारी बवाल, IIM के बाहर धर्मेंद्र प्रधान को दिखाए गए काले झंडे

अहमदाबाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का NSUI कार्यकर्ताओं ने विरोध किया. NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर कार्यकर्ताओं ने IIM अहमदाबाद के बाहर उनके काफिले को रोककर काले झंडे दिखाए. बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.

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अहमदाबाद में NSUI के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री को काले झंडे दिखाए (Photo: ITG) अहमदाबाद में NSUI के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री को काले झंडे दिखाए (Photo: ITG)

अतुल तिवारी

  • अहमदाबाद, गुजरात,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST

देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में बड़ा विरोध का सामना करना पड़ा. कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोका. वजह है NEET परीक्षा का पेपर लीक होना. पेपर लीक होने के बाद सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी. इससे लाखों छात्रों की परीक्षा फिर से करनी पड़ेगी. इसी को लेकर NSUI के कार्यकर्ता नाराज हैं. वो शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार मान रहे हैं. अहमदाबाद में विरोध के दौरान NSUI के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कई को हिरासत में लिया.

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अहमदाबाद में IIM (भारतीय प्रबंधन संस्थान) स्थित है. धर्मेंद्र प्रधान वहां कार्यक्रम में गए थे. जब वो IIM से अपनी गाड़ी में बैठकर गांधीनगर की ओर जा रहे थे तब NSUI के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोक दिया और काले झंडे दिखाए.

NSUI के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए तो तो पुलिस ने कई को हिरासत में लिया. कार्यकर्ताओं का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है.

क्या है नीट पेपर लीक मामला?

3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा में करीब 22.8 लाख छात्र शामिल हुए थे, लेकिन कुछ ही दिनों बाद पेपर लीक के गंभीर आरोप सामने आए. इस मामले की जांच के बाद 12 मई को NTA ने पूरे परीक्षा को रद्द कर दिया है. यह पहली बार है जब NTA के अंतर्गत NEET UG परीक्षा पूरी तरह से निरस्त की गई है.

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जांच में खुलासा हुआ कि परीक्षा से 15 दिन से 1 महीने पहले व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर लगभग 410 सवालों का एक “गेस पेपर” तेज़ी से फैल रहा था। इसमें केमिस्ट्री सेक्शन के करीब 120 सवालों के असली सवाल से हूबहू मिलान पाए गए. मुख्य रूप से लीक राजस्थान के सिकर क्षेत्र के कोचिंग हब से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: NEET लीक: सिस्टम में सेंध या बड़ी चूक? 5 चार्जशीट और 50 गिरफ्तारियों के बाद भी क्यों नहीं थमा धांधली का दौर?

राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू की और बाद में केस CBI को सौंपा गया. जांच में एक मल्टी-स्टेट नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पेपर सॉल्वर्स, इम्पर्सोनेटर्स, कोचिंग काउंसलर्स और MBBS छात्र शामिल हैं. राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा, बिहार और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों से लोग इस नेटवर्क में थे. प्रमुख गिरफ्तारियों में नासिक के मेडिकल छात्र शुभम खैरनार और सिकर के काउंसलर राकेश कुमार (मास्टरमाइंड) शामिल हैं. पेपर 2 से 5 लाख रुपये में बेचे जाने की भी जानकारी मिली.

NTA ने 12 मई को आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर NEET UG 2026 की परीक्षा रद्द की गई है और दोबारा परीक्षा जल्द आयोजित की जाएगी. नई परीक्षा के लिए किसी अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन या फीस की जरूरत नहीं होगी, पुराने एडमिट कार्ड और सेंटर का उपयोग किया जाएगा.

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इस विवाद से लगभग 22 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं. कई जगह प्रदर्शन हुए और विपक्षी दलों ने सरकार पर निंदा की. गोवा का एक 17 साल का छात्र आत्महत्या तक कर बैठा, जिससे चिंता और बढ़ गई है.

फिलहाल CBI जांच जारी है और NTA ने री-एग्जाम की तारीख जल्द घोषित करने का आश्वासन दिया है. छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट और NTA के आधिकारिक सोशल मीडिया पर ही अपडेट देखने की सलाह दी गई है.

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