गुजरात: 1000 करोड़ की मदद... सीएम का आश्वासन, फिर भी दर दर भटक रहे तौकते तूफान के पीड़ित

इस तबाही के बाद खुद प्रधानमंत्री ने इस इलाके का हवाई सर्वे किया था,  खुद मुख्यमंत्री भी इस इलाके में गए थे. लेकिन मदद की घोषणा के तीन महीने बाद भी यहां लोग परेशान हैं, बेबस हैं और सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं.

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तौकते तूफान के पीड़ित परेशान तौकते तूफान के पीड़ित परेशान

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 11 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST
  • तौकते तूफान के पीड़ित परेशान
  • नहीं मिल पा रही सरकार की सहायता
  • कांग्रेस ने लगा दिया भ्रष्टाचार का आरोप

गुजरात में तौकते तूफान ने ऐसा कहर ढाया है कि इतने दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है. सरकारी दावों के बीच अभी भी कई लोग मदद के लिए दर-दर भटक रहे हैं. किसी का आशियाना छिन चुका है तो किसी को खाने के लाले पड़ रहे हैं. लेकिन इस सब के बावजूद भी इन तक कोई मदद नहीं पहुंच रही है.

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तौकते पीड़ितों के लिए 1000 करोड़ की मदद कहा गई?

तौकते का सबसे ज्यादा असर गुजरात के जाफराबाद में पड़ा था. यहां गांव में लोगों के घरों पर ना छत बची थी, ना ही खेत में फसल. आज तीन महीने बाद भी तबाही का वो मंजर साफ देखा जा सकता हैं. इस तबाही के बाद खुद प्रधानमंत्री ने इस इलाके का हवाई सर्वे किया था,  खुद मुख्यमंत्री भी इस इलाके में गए थे.

लेकिन मदद की घोषणा के तीन महीने बाद भी यहां लोग परेशान हैं, बेबस हैं और सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं. इस बारे में अमरेली की एक पीड़िता बताती हैं कि सहायता के नाम पर कुछ नहीं मिला. यहां टीचर सर्वे करने के लिए आए थे लेकिन हमारे कई फॉर्म तो रद्द कर दिए गये हैं. हमारी कही पर भी सुनवाई नहीं हो रही है. इस बार कोई भी आए हम यहां वोट के लिए उन्हें आने नहीं देंगे.

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कांग्रेस ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

हैरानी की बात ये है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पर 1000 करोड की मदद की घोषणा की थी. उन्हें भी अंदाजा था कि किसानों को भारी नुकासन हुआ है, उनकी फसल बर्बाद हुई है और कई लोगों के घर टूटे हैं. लेकिन इस सब के बावजूद भी वो मदद लोगों तक नहीं पहुंच पाई है. ऐसे में अब इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस ने बीजेपी पर मदद के नाम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा दिया है.

बीजेपी बोली- ऐतिहासिक मदद की

कांग्रेस की तरफ से गांधीनगर में विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया. आरोप लगाया गया कि तौकते तूफान के दौरान बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है. इस बारे में कांग्रेस नेता परेश धानानी कहते हैं कि बीजेपी नेताओं के पक्के घऱ को नुकसान ना होने के बावजूद उन्हें 95 हजार की सहायता दी गई. वहीं जिन लोगों ने अपना पूरा घर खो दिया, उन्हें कोई पैसा नहीं दिया जा रहा. बीजेपी ने तमाम आरोपों को गलत बता दिया है और जोर देकर कहा कि तौकते के दौरान ऐतिहासिक मदद की गई है.

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