अहमदाबाद प्लेन क्रैश वाली साइट पर नया होस्टल बनाने की तैयारी, पीड़ित परिवार बोले- स्मारक स्थल बने

अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी से पहले उस स्थान को लेकर नई बहस शुरू हो गई है, जहां एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. राज्य सरकार ने यहां मेडिकल छात्रों के लिए नया छात्रावास बनाने की योजना को मंजूरी दी है, जबकि पीड़ित परिवार इस जगह को स्मारक के रूप में संरक्षित करने की मांग कर रहे हैं.

Advertisement
अहमदाबाद प्लेन क्रैश वाली साइट पर नया होस्टल बनाने की तैयारी (Photo: itg) अहमदाबाद प्लेन क्रैश वाली साइट पर नया होस्टल बनाने की तैयारी (Photo: itg)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद ,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:20 AM IST

गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयरएंडिया प्लेन क्रेश का एक साल होने वाला है. ठीक उससे पहले राज्य सरकार की और से जहां पर विमान गिरा था वहां पर मेडीकल छात्रों के लिए एक नए हॉस्टल के निर्माण को मंजूरी दी गई है.

अहमदाबाद क्रैश साइट पर बनेगा होस्टल

12 जून, 2025 को दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में 'अतुल्यम हॉस्टल' की इमारत में एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद, राज्य सरकार ने डॉक्टरों और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एक बड़ी राहत घोषणा की है. जहां पर प्लेन गिरा था वहां पर छात्रों का होस्टल और मेस था. वहीं पर अब नए 8+8 मंजिला आधुनिक इमारत में 236 डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था होगी जिसके लिए टाटा एयरलाइंस 53 करोड़ रुपये का मुआवजा देगी. सरकार की घोषणा के साथ ही पीड़ितों के परिवार इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और सरकार को ईमेल भेजकर अनुरोध कर रहे हैं कि इस स्थान को नए निर्माण के लिए उपयोग करने के बजाय एक स्मारक स्थल के रूप में सम्मानपूर्वक रखा जाए.

Advertisement

अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी छात्रावास और कैंटीन ब्लॉक

असारवा के सिविल अस्पताल के पास स्थित नए मेन्टल केम्पस में अब 105 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी छात्रावास और कैंटीन ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा. इस संबंध में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने बताया कि विमान दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुए 'अतुल्यम 1 से 4' ब्लॉक, कैंटीन और सब-स्टेशन भवन के मुआवजे के रूप में टाटा एयरलाइंस स्वास्थ्य विभाग को 53.12 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी.

दुर्घटना के समय होस्टल में थे 92 छात्र

दुर्घटना के समय छात्रावास में कुल 92 छात्र रह रहे थे. घटना के बाद किए गए संरचनात्मक ऑडिट के बाद इसे ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया था. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने छात्रों की आवासीय सुविधाओं में कोई बाधा न आए, इसके लिए नए होस्टल के निर्माण का निर्णय लिया है. मेघानीनगर स्थित आईजीपी परिसर के परिसर में नया छात्रावास बनाया जाएगा. चिकित्सा क्षेत्र में अतिरिक्त 48 सुपर स्पेशलिटी सीटों को ध्यान में रखते हुए, अगले तीन वर्षों में कुल 236 डॉक्टरों को समायोजित करने की व्यवस्था की जाएगी. राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए पर्याप्त भूमि आवंटित कर दी है. 

Advertisement

स्टूडियो अपार्टमेंट शैली में बनेगा हर रूम

चालू वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में अनुमानित ₹51.84 करोड़ के मुकाबले ₹34.65 करोड़ का प्रावधान स्वीकृत किया गया है. नया 'अतुल्यम 1 से 7' पीजी छात्रावास आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होकर 8 मंजिला इमारत में तैयार हो जाएगा. प्रत्येक फ्लैट स्टूडियो अपार्टमेंट शैली में बनाया जाएगा, जिसमें सिटिंग एरिया, अटैज्ड किचेन, बेडरूम और शौचालय की सुविधा होगी. इसके अलावा, छात्रावास में अग्निशमन प्रणाली, आरओ प्लांट और सुदृढ़ जल निकासी व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. छात्रों की सुविधा के लिए, एक विशाल बेसमेंट पार्किंग, अविवाहित स्नातकोत्तर छात्रों के लिए अलग आवास, आधुनिक मेस, जिम और एंटरटेनमेंट रूम की योजना भी बनाई गई है.

'स्मारक स्थल बनाए सरकार'

इस पूरी योजना के सामने आते ही पीड़ित परिवारों ने सरकार को इमेल करके ऐसा न करने की अपील की है. परिवारों की मांग है कि यह स्थान मात्र भूमि या बुनियादी ढांचा नहीं है, यह एक ऐसा स्थल है जो लोगों की जिंदगियों, यादें, शोक और अपूर्णीय क्षति से जुड़ा है. हम विनम्रतापूर्वक लेकिन दृढ़ता से अनुरोध करते हैं कि इस जगह को एक स्मारक स्थल के रूप में संरक्षित किया जाए जो पीड़ितों के लिए समर्पित हो. एक स्मारक न केवल एक स्थान के रूप में कार्य करेगा, परिवारों के लिए एक स्मृति के रूप में उनके जीवन की स्थायी सार्वजनिक को मान्यता देगा. कुछ स्थान स्मृतियों के केंद्र बने रहने चाहिए और ऐसी जगह को बहुत जल्दी मिटा देने से जवाबदेही का महत्व कम हो जाता है. इससे जुड़ी मानवीय वास्तविकता के मिटने का खतरा है. हम सरकार और जिम्मेदार पक्षों से अनुरोध करते हैं, अधिकारियों को प्रभावित परिवारों से परामर्श करने के बाद कोई फैसला लेना चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement