योगेंद्र यादव ने कपिल को लिखा खुला खत, बोला- केजरीवाल पर रोज आरोप लगाना बंद करो

दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा की सार्वजनिक माफी के बाद 'आप' के पूर्व नेता योगेंद्र यादव ने उन्हें एक खुला पत्र लिखा. यादव ने कहा कि मुझसे माफी मांगने के बजाय आपको हजारों समर्थकों और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए थी.

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योगेंद्र यादव योगेंद्र यादव

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2017,
  • अपडेटेड 3:13 PM IST

दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा की सार्वजनिक माफी के बाद 'आप' के पूर्व नेता योगेंद्र यादव ने उन्हें एक खुला पत्र लिखा. यादव ने कहा कि मुझसे माफी मांगने के बजाय आपको हजारों समर्थकों और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए थी. साथ ही उन्होंने कपिल को ये नसीहत भी दी कि वो केजरीवाल पर रोज-रोज आरोप लगाना बंद करें. योगेंद्र यादव के इस पत्र के बाद कपिल ने भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जब तक घोटालों की जानकारी सामने नहीं आएगी, मैं चुप नहीं बैठूंगा.

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पढ़े योगेंद्र यादव का पूरा पत्र...

कपिल भाई,
कल प्रेस कांफ्रेंस में आपकी क्षमायाचना सुनी. मुझे लगा कि प्रशांत जी और मुझसे (और साथ में आनंद जी और अजीत भाई से) माफ़ी मांगने की बजाय उन हज़ारों वॉलेंटियर, लाखों समर्थकों और करोड़ों देशवासियों से माफ़ी मांगनी चाहिए थी जिनके साथ धोखा हुआ है. मुझे अच्छा लगा कि आपने भी शाम तक मेरी इस बात का समर्थन किया. गलती कौन नहीं करता, लेकिन

बहुत वक्त बीत गया है, फिर भी आपकी सार्वजनिक क्षमायाचना से कई दोस्तों के पुराने घाव भरने में मदद मिलेगी. जब हमें झूठे लांछन लगाकर पार्टी से निकाला गया. उस वक्त (खासतौर पर केलिस्टा रिसोर्ट कांड में) आपकी और अपने कई साथियों की भूमिका देखकर मेरा इंसानियत से भरोसा हिल गया था. आपके विशेष अनुरोध पर मैं आपके चुनाव क्षेत्र में कई बार प्रचार करने गया था. सोचिये मुझे कैसा लगा होगा जब आपके ही मुंह से गद्दारी का आरोप सुना और आपका आदरणीय शांति भूषण जी पर हमला, अब भी याद कर सिहर उठता हूं. आपने उस घटना के सच का इशारा तो किया, लेकिन कभी ठीक समझें तो उस काण्ड का पूरा सच देश के सामने रख दीजियेगा.

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आज आपकी क्षमायाचना में मुझे उन कई पुराने साथियों की भी आवाज़ भी सुनी जो अपने किये पर शर्मिंदा महसूस करते हैं. चोरी-छुपे माफ़ी के सन्देश भेजते रहे हैं, लेकिन खुलकर बोल नहीं पाते. उसे सुनकर मेरे भीतर अगर कोई कड़वाहट बची थी तो वो धुल गई.

वैसे आप राजनीति में मुझसे बहुत होशियार हैं, लेकिन अगर अन्यथा न लें तो एक सुझाव दूं, ये रोज-रोज अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस करनी बंद कर दीजिए. मैं नहीं कहता कि आपके सारे आरोप गलत हैं. कुछ आरोप वजनदार हैं, हालांकि बाकी का अभी कोई प्रमाण नहीं है. लेकिन दिन-रात आरोपों की झड़ी सुनने से आम आदमी पार्टी तो साफ़ नहीं होगी, ईमानदार राजनीति में जनता की जितनी भी आस्था बची है वो जरूर साफ़ हो जाएगी. अगर ये सब आपको पता था तो आप पिछले दो साल से वहां क्या कर रहे थे? आज आपको प्रायश्चित शोभा देता है, प्रतिशोध नहीं.

कपिल भाई, नकारात्मकता की राजनीति न देश के हित में है, न ही आपके हित में. पिछले दो साल से मैंने अपना अधिकांश समय गांव-खेती-किसान के सवाल पर लगाया है. मेरा यकीन मानो, आम आदमी पार्टी के नेताओं के कुकर्म इस देश की सबसे बड़ी समस्या नहीं है. जैसा फैज़ ने कहा था और भी दुख हैं ज़माने में.

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शुभकामनाओं सहित,
आपका अग्रज
योगेंद्र यादव

 

इस पत्र के बाद कपिल मिश्रा ने जवाब में कहा कि पूरा प्रकटीकरण तो होना ही चाहिए आपकी इस बात से सहमत हूं. . चुप नहीं रहूंगा.

बता दें कि कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर अपने करीबियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियों के जरिये पार्टी फंड जुटाने का दावा किया था. साथ ही कपिल ने आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी ने हवाला के जरिए पार्टी फंड के नाम पर कालेधन को सफेद करने का काम किया. कपिल ने सीबीआई और सीबीडीटी जाकर इस मामले की शिकायत भी की थी.

इस बीच लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ लगाए भ्रष्टाचार के आरोपों के सिलसिले में कपिल मिश्रा को गवाही के लिए बुलाया है. दिल्ली मंत्रिमंडल से बर्खास्त होने के बाद कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर टैंकर घोटाले पर पर्दा डालने और दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन से 2 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया था.

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