LIVE: दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास 4 मंजिला इमारत गिरी, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

साउथ दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई. हादसे के समय ग्राउंड फ्लोर पर कोचिंग सेंटर चल रहा था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर काम भी हो रहा था. आशंका है कि कुछ छात्र और मजदूर मलबे में फंसे हो सकते हैं. मौके पर फायर ब्रिगेड और बचाव दल रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं. अब तक 4 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.

Advertisement
महरौली में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने के बाद मौके पर मची भारी अफरा-तफरी (Photo: ITG) महरौली में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने के बाद मौके पर मची भारी अफरा-तफरी (Photo: ITG)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:49 PM IST

साउथ दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक बड़ा हादसा हो गया. यहां महरौली थाना इलाके के सैदुलाजाब में एक ग्राउंड प्लस तीन मंजिल की इमारत पूरी तरह ढह गई, जिसकी तीसरी मंजिल पर अभी निर्माण कार्य चल रहा था. यह बिल्डिंग अचानक पास में बनी एक अस्थाई टिन शेड कैंटीन के ऊपर जा गिरी, जिसके नीचे रात का खाना खा रहे कुछ बच्चे मलबे में फंस गए हैं. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई. फायर डिपार्टमेंट तथा एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. राहत बचाव दल ने अब तक मलबे से 4 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.

Advertisement

दिल्ली फायर सर्विसेज को शनिवार शाम करीब 7:44 बजे घटना की पहली कॉल मिली थी. इसके बाद रात करीब 8:30 बजे फायर स्टेशन ऑफिसर (STO) मुकुल भारद्वाज ने अपडेट दिया कि कई मंजिलों वाली पूरी इमारत भरभराकर गिर गई है. रात का समय होने के कारण मलबे को हटाने के लिए तुरंत एक वाटर टेंडर (WT) के साथ रोशनी के लिए लाइट वैन भेजी गई. फिलहाल डिवीजनल ऑफिसर (DO) रविंदर सिंह, एडीओ संतोष कुमार और एसटीओ फूल सिंह मीणा की देखरेख में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.

इस दर्दनाक हादसे पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने गहरी चिंता जताई है. उन्होंने बताया कि मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मौके पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है.


 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक कोचिंग इंस्टीट्यूट चल रहा था. ऊपरी मंजिलों पर कंस्ट्रक्शन का काम जारी था, यानी बिल्डिंग अभी पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हुई थी. आशंका है कि हादसे के वक्त कोचिंग में कुछ छात्र मौजूद थे. साथ ही ऊपर कुछ मजदूर भी काम कर रहे थे. हालांकि, फंसे हुए लोगों की सही संख्या को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

Advertisement

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब यह बहुमंजिला इमारत गिरी तो उसका पूरा भारी मलबा बगल की टिन शेड कैंटीन पर आ गिरा. हादसे के समय कैंटीन के अंदर बच्चे डिनर कर रहे थे, जो अचानक मलबे के नीचे दब गए. सैदुलाजाब की संकरी गलियों तथा घनी आबादी की वजह से रात के समय राहत काम चलाने में काफी मुश्किलें आ रही हैं. स्थानीय लोग अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर दमकल टीम का सहयोग कर रहे हैं. संकरे रास्तों में बचाव वाहनों को जगह देने के लिए लगातार भीड़ को हटाया जा रहा है.

 

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों की निगरानी शुरू कर दी है. घटनास्थल के पास लोगों से अनावश्यक भीड़ न लगाने की अपील की जा रही है ताकि रेस्क्यू टीम बिना रुकावट के काम कर सके. अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे मलबे को हटाकर अच्छे से जांच नहीं कर ली जाती, तब तक कुछ भी साफ नहीं कहा जा सकता. फिलहाल पूरी टीम मलबे के कोने-कोने को खंगालने में जुटी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »