क्या है सर्बलोह ग्रंथ, जिसकी बेअदबी के चलते दलित युवक के हाथ-पांव काट दिए गए?

सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के लिए बने मंच के पास हुई दलित शख्स की हत्या के मामले में एक निहंग ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. निहंग सरवजीत सिंह ने दावा किया कि उसने ही हत्या की थी. संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर कहा कि सर्बलोह ग्रंथ की बेअदबी के कारण हत्या की गई.

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निहंगों का मानना है कि इसे श्री गुरु गोबिंद सिंह ने लिखा है निहंगों का मानना है कि इसे श्री गुरु गोबिंद सिंह ने लिखा है

हरमीत शाह सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 10:31 PM IST
  • सिंघु बॉर्डर पर हुई हत्या के मामले में निहंग सरवजीत ने किया सरेंडर
  • हिंदू पौराणिक कथाओं पर एक इनसाइक्लोपीडिया है सर्बलोह ग्रंथ

दिल्ली के सिंघु बॉर्डर में बैरिकेड से लटकते शव के मामले में निहंग समूह ने जिम्मेदारी ली है. संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर कहा कि सर्बलोह ग्रंथ की बेअदबी के कारण हत्या की गई. किसान मोर्चा ने पूरी घटना से पल्ला झाड़ लिया है. उन्होंने बयान में कहा कि मृतक या आरोपी निहंग समूह से संयुक्त किसान मोर्चा का कोई संबंध नहीं है. 

सर्बलोह ग्रंथ क्या है?

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शाब्दिक रूप से इसका अर्थ है- सर्वव्यापी धर्मग्रंथ. लेकिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब (SGGS) के विपरीत, सर्बलोह ग्रंथ, कुछ हिस्सों को छोड़कर, मुख्यधारा के सिख समुदाय द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है. हालांकि निहंग इसे उच्च सम्मान में रखते हैं.

माना जाता है कि सर्बलोह पाठ, 18वीं शताब्दी की शुरुआत में लिखा गया था, जिसकी शुरुआत देवी भवानी और देवी लक्ष्मी के संबोधन में लिखी गयी पंक्तियों के साथ होती ही. 

 

सर्बलोह पर पीएचडी करने वाले डॉ. जसवंत सिंह बुगग्रान कहते हैं कि यह ग्रंथ हिंदू पौराणिक कथाओं पर एक इनसाइक्लोपीडिया है. उन्होंने कहा कि इसके लगभग हर पन्ने पर पौराणिक शब्दावली दिखाई देती है. हम इसे पुराण कोष (विश्वकोश) कह सकते हैं.

डॉ. बुगग्रान के अनुसार निहंगों का मानना है कि इसे गुरु गोबिंद सिंह ने लिखा है. लेकिन सिख विद्वान और इतिहासकार इस बात से असहमत हैं और इसके लेखन पर विवाद जारी है. 

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मृतक की पहचान- 

घटना में मृतक की पहचान लखबीर सिंह के तौर पर हुई है. 35 साल के मृतक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. तरनतारन जिले का रहने वाला लखबीर मजदूर का काम करता था. लखबीर को बड़ी बेरहमी से मारा गया. युवक की हत्या उसी जगह हुई या कहीं और हत्या कर शव वहां लटकाया गया, इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है. 


मामले में एक निहंग का सरेंडर

सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के लिए बने मंच के पास हुई दलित शख्स की हत्या के मामले में एक निहंग ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. निहंग सरवजीत सिंह ने दावा किया कि उसने ही हत्या की थी. पुलिस निहंग को शनिवार को कोर्ट में पेश करेगी, जिससे पहले उसका मेडिकल करवाया जाएगा.

निहंग सरवजीत सिंह ने शुक्रवार शाम को पुलिस के सामने सरेंडर किया. उसने जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उसने ही लखबीर सिंह की हत्या की. अब पुलिस वीडियो के जरिए से सरवजीत सिंह की पहचान करेगी. घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें लखबीर को बैरिकेड से लटकाया हुआ दिखाया गया था.

 

 

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