शरजील के जिस देश विरोधी भाषण पर मचा बवाल, वो शाहीन बाग नहीं, अलीगढ़ का है

जेएनयू में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे शरजील इमाम के एक वीडियो ने दिल्ली के चुनावों में दंगल मचा रखा है. बीजेपी के कुछ नेताओं ने उस वीडियो को शाहीन बाग का बताया है जबकि असल में वह वीडियो कई दिनों पुराना है और अलीगढ़ का है.

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जेएनयू का छात्र है शरजील इमाम जेएनयू का छात्र है शरजील इमाम

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 5:47 AM IST

  • संबित पात्रा ने शरजील का वीडियो ट्वीट किया था
  • संबित पात्रा ने शाहीन बाग को तौहीन बाग कहा था

दिल्ली के शाहीन बाग में आजादी के नारों के बीच एक वायरल वीडियो ने दिल्ली का सियासी पारा काफी गरम कर दिया है. यह वायरल वीडियो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का है. वीडियो में जेएनयू का पूर्व छात्र मंच पर चढ़कर देश तोड़ने की बात कर रहा है. असम को हिंदुस्तान से काटने की बात कर रहा है. इस वीडियो पर विवाद इसलिए हो रहा है क्योंकि इसे बीजेपी नेताओं ने शाहीन बाग का बताकर पेश किया है.

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शाहीन बाग का नहीं, अलीगढ़ का है यह वीडियो

हमें मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक यह वीडियो का नहीं बल्कि अलीगढ़ का है. अलीगढ़ पुलिस ने एफआईआर में शरजील के बयान का पूरा जिक्र भी किया है. जिसमें शरजील ने बाबे सैय्यद गेट पर चल रहे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों के CAA के प्रोटेस्ट में नार्थ-ईस्ट को तोड़ने की भड़काऊ बयानबाजी की थी.

गिरफ्तारी की कोशिशें तेज

शरजील इमाम को गिरफ्तार करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं. अलीगढ़ से टीम गिरफ्तार करने के लिए रवाना हो चुकी है. 2 अलग अलगी टीमें बनाई गईं हैं. शरजील इमाम का लोकेशन भी ट्रेस किया जा रहा है.

अलीगढ़ में 16 जनवरी को दिया गया था बयान

एफआईआर के मुताबिक यह बयान 16 जनवरी को दिया गया था. सोशल मीडिया के जरिए अलीगढ़ पुलिस को वीडियो मिला था. जिसकी जांच की गई और फिर एफआईआर दर्ज की गई थी. एफआईआर में बताया गया है कि पर आरोप बनता है कि उसने सेना और भारत सरकार के खिलाफ घृणा फैलाई, भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने की कोशिश की और सांप्रदायिक द्वेष फैलाया. इस मामले में सिविल थाने में IPC की धारा 124A (देशद्रोह) 153A, 153B, 505(2) में एफआईआर दर्ज की गई है.

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शाहीन बाग भी जाता रहता था शरजील

दिल्ली पुलिस के सीनियर अफसरों के मुताबिक जामिया हिंसा के पहले शरजील इमाम काफी एक्टिव था. हिंसा के बाद शाहीन बाग भी जाता रहता था लेकिन कुछ दिन से शाहीन बाग में नजर नहीं आ रहा है. मूलत: शरजील पटना का रहने वाला है. उस पर पुलिस की नजर लगातार बनी हुई थी. वह जेएनयू से पीएचडी कर रहा है.

संबित पात्रा ने शाहीन बाग को बताया था तौहीन बाग

शरजील इमाम का यह वीडियो कई दिनों पहले का है. लेकिन बीजेपी ने इसे नया बनाकर दिल्ली के दंगल में तूफान मचा दिया है. पहले बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने वीडियो ट्वीट कर हल्ला बोला. उसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को भी लपेट लिया. यही नहीं संबित पात्रा ने तो शाहीन बाग को तौहीन बाग बताते हुए कविता भी सुना दी थी.

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संबित पात्रा ने कहा था कि जिस प्रकार की बातें शाहीन बाग में हो रही है उसे दिशाहीन बाग कहना चाहिए, दिशाहीन बाग क्या तौहीन बाग कहना चाहिए. संबित पात्रा ने कहा कि ये हिन्दुस्तान की स्वतंत्रता को तौहीन के रूप देखता है.

असम और अलीगढ़ में दर्ज हुई एफआईआर

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शरजील के भाषण पर कानून भी हरकत में आया. असम सरकार ने वीडियो पर संज्ञान लेते हुए केस भी दर्ज करा दिया है. अब कानून भी अपना काम करेगा. असम के एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) जीपी सिंह ने बताया कि शरजील के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एफआईआर दर्ज की गई है.

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गिरफ्तारी के लिए अलीगढ़ से रवाना हुई पुलिस टीम

अलीगढ़ के एसएसपी आकाश कुल्हारी ने बताया कि शरजील के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए, 153ए, 153बी और 505 (2) एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. उनकी टीम जल्द ही शरजील को गिरफ्तार करेगी. ताजा जानकारी के मुताबिक शरजील इमाम को गिरफ्तार करने के लिए अलीगढ़ से टीम रवाना भी हो चुकी है. इसके लिए दो अलग-अलग टीम लगाई गई है. उसका लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है.

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