नई दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास 30 मई की शाम हुए भीषण बिल्डिंग हादसे में जान गंवाने वाली कैंटीन संचालिका पार्वती को उनके परिजन एक साहसी महिला के रूप में याद कर रहे हैं. हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि आठ अन्य घायल हुए थे. अब पार्वती की बेटी नीलम ने बिल्डिंग मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय और मुआवजे की मांग की है.
नीलम ने बताया कि कैंटीन शुरू करने का सुझाव उन्होंने ही अपनी मां को दिया था. पार्वती पिछले करीब तीन वर्षों से इमारत में कैंटीन चला रही थीं और यह उसका चौथा वर्ष था. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'मैंने ही मां को कैंटीन खोलने के लिए कहा था, लेकिन अब मुझे इसका पछतावा है.'
दूसरों को बचाने में गई जान
परिजनों के अनुसार, जब बिल्डिंग गिरने के संकेत मिलने लगे तो पार्वती बाहर निकलने में सफल हो गई थीं, लेकिन अंदर फंसे छात्रों और अन्य लोगों को चेतावनी देने तथा उन्हें बाहर निकालने के लिए दोबारा चली गईं. इसी दौरान इमारत ढह गई और वह मलबे में दब गईं.
कई बार की थी शिकायत
नीलम ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद शुरुआती बचाव कार्य बेहद धीमा था. उन्होंने कहा कि परिवार बार-बार अधिकारियों को उस स्थान की जानकारी देता रहा, जहां पार्वती मलबे में फंसी हुई थीं. उन्होंने यह भी दावा किया कि इमारत से पहले भी कई बार कंक्रीट के टुकड़े गिरते थे और इसकी शिकायत की गई थी.
लापरवाही के आरोप
परिवार का आरोप है कि बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों पर लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहा था और निर्माण सामग्री भी नीचे गिरती रहती थी. नीलम ने कहा कि उनकी मां हर महीने एक लाख रुपये किराया देकर कैंटीन चला रही थीं, इसलिए परिवार को उचित मुआवजा और न्याय मिलना चाहिए.
हादसे के समय कैंटीन में काम कर रहीं प्रीति ने बताया कि इमारत गिरने से पहले तेज आवाजें सुनाई दी थीं. बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि भवन से मलबा गिर रहा है. उन्होंने लोगों को तुरंत बाहर निकलने के लिए चिल्लाकर चेतावनी दी. प्रीति के मुताबिक, पार्वती सुरक्षित बाहर आ गई थीं, लेकिन छात्रों की चिंता में वह फिर से अंदर चली गईं.
परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है. वहीं पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं.
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