दिल्ली: अधिकारियों ने नहीं दिए जवाब, स्पीकर ने प्रिविलेज कमिटी को भेजा मामला

मनीष सिसोदिया ने सदन में कहा कि अधिकारियों को बार-बार चेतवानी दी गई है. सेक्रेटरी एजुकेशन को भी आज 2 बजे सदन में आने के लिए कहा था लेकिन वे नहीं आए. ये सदन की अवमानना है. शायद जवाब मिलने पर एलजी या अधिकारी के खिलाफ खुलासा होने की आशंका है इसलिए जवाब नहीं दिया जा रहा. ये जांच का विषय है.

Advertisement
दिल्ली विधानसभा दिल्ली विधानसभा

अजीत तिवारी / पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2018,
  • अपडेटेड 5:39 PM IST

दिल्ली विधानसभा में पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर बुलाये गए विशेष सत्र के आखिरी दिन अधिकारियों द्वारा सवाल का जवाब न मिलने का मुद्दा उठा. कई विधायकों के सवालों के जवाब नहीं मिलने पर संबंधित विभाग के मंत्रियों ने सदन को बताया कि अधिकारियों ने आरक्षित मुद्दों पर जवाब देने से मना कर दिया.

मनीष सिसोदिया ने सदन में कहा कि अधिकारियों को बार-बार चेतवानी दी गई है. सेक्रेटरी एजुकेशन को भी आज 2 बजे सदन में आने के लिए कहा था लेकिन वे नहीं आए. ये सदन की अवमानना है. शायद जवाब मिलने पर एलजी या अधिकारी के खिलाफ खुलासा होने की आशंका है इसलिए जवाब नहीं दिया जा रहा. ये जांच का विषय है.

Advertisement

स्पीकर राम निवास गोयल ने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनेता के जवाब में अधिकारियों का उत्तर नहीं देना लोकतंत्र के खिलाफ कुठाराघात है. लोकतंत्र के इतिहास में ये काले अक्षरों में लिखा जाएगा, जबकि अधिकारी नौकरी पाते हैं तो शपथ लेते हैं कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे.

इससे पहले , डीडीए या अन्य तमाम विभागों के उत्तर सदन को भेजे जाते थे. लेकिन जवाब न देकर भ्रष्टाचार छिपाने की एक कोशिश हो सकती है. फिलहाल नाराज स्पीकर ने मामला प्रिविलेज कमिटी को भेजकर अगले एक महीने में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »