दिल्ली सरकार को HC से बड़ी राहत, 1000 नई स्टैंडर्ड फ्लोर बसें खरीदने को मंजूरी

दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद अरविंद केजरीवाल सरकार के लिए डीटीसी के बेड़े में शामिल करने के लिए स्टैंडर्ड फ्लोर बसे खरीदने का रास्ता साफ हो गया है. फिलहाल दिल्ली सरकार को एक हज़ार नई स्टैंडर्ड फ्लोर बसें खरीदनी हैं.

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दिल्ली हाइकोर्ट दिल्ली हाइकोर्ट

वरुण शैलेश / पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 22 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 6:28 PM IST

दिल्ली हाइकोर्ट ने दिल्ली सरकार को एक हजार नई स्टैंड फ्लोर बस खरीदने की इजाजत दे दी है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इन स्टैंडर्ड फ्लोर बसों में हाइड्रोलिक लिफ्ट लगाई जाए, जिससे विकलांग भी आसानी से इन बसों का इस्तेमाल कर सकें. वहीं कोर्ट में दिव्यांग वकील निपुन मल्होत्रा की तरफ से याचिका लगाई गई थी. उनका कहना था कि लो फ्लोर बसों को हटाकर सरकार जो स्टैंडर्ड फ्लोर बसें ख़रीद रही है वह 2016 के डिसेबल्ड एक्ट का सीधा उल्लंघन है.

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क्या थी याचिकाकर्ता की मांग

याचिका में कहा गया था कि दिल्ली सरकार की तरफ से जो स्टैंडर्ड फ्लोर बसें खरीदने का प्रस्ताव है, उससे दिव्यांग और बुजुर्गों की दिक्कतें बढ़ेंगी. कोर्ट ने निपुण मल्होत्रा की याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि कुल बसों का 10 फ़ीसदी दिव्यांगों के लिए कोटा होना चाहिए जो पहले से ही डीटीसी की लो फ्लोर बस इस के रूप में उपलब्ध है. हालांकि याचिकाकर्ता ने 'आजतक' से कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को वह सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे.

दिल्ली सरकार का रास्ता साफ

हाई कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सरकार के लिए डीटीसी के बेड़े में शामिल करने के लिए स्टैंडर्ड फ्लोर बसे खरीदने का रास्ता साफ हो गया है. फिलहाल दिल्ली सरकार को एक हज़ार नई स्टैंडर्ड फ्लोर बसें खरीदनी है, लेकिन इन सभी बसों में हाइड्रोलिक लिफ्ट लगवाना अनिवार्य होगा.

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हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि डीटीसी की कुल बसों में 10 फीसदी विकलांगों के लिए आरक्षित होंगी. मगर दिलचस्प यह है कि इसके लिए एक भी लो फ्लोर बस खरीदने की दिल्ली सरकार को आवश्यकता नहीं है. क्योंकि डीटीसी के बेड़े में अभी लो फ्लोर 69 फ़ीसदी बसें हैं. अगर दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को लागू कर दिया गया तो यह प्रतिशत और घटकर 50 फ़ीसदी से भी कम हो जाएगा.

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