दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के आदेश पर सदस्यों का विरोध, कोर्ट जाने की तैयारी

दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक खाली करने के केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ क्लब के सदस्य अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. सदस्यों ने सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया है और इसे अपनी कानूनी लड़ाई का आधार बनाया है. सरकार ने इसे सुरक्षा जरूरतों के लिए जरूरी बताया है, जबकि सदस्य इसे अचानक लिया गया फैसला बता रहे हैं.

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परिसर खाली करने के सरकारी आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे दिल्ली जिमखाना के मेंबर्स (Photo: ITG) परिसर खाली करने के सरकारी आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे दिल्ली जिमखाना के मेंबर्स (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:47 PM IST

लुटियंस दिल्ली के ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के सरकारी आदेश पर विवाद बढ़ गया है. केंद्र ने क्लब को 5 जून तक पूरी 27.3 एकड़ जमीन खाली करने का नोटिस दिया है. इसके खिलाफ अब क्लब के सदस्य सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. इसी सिलसिले में रविवार को सदस्यों की एक अहम बैठक हुई. इसमें कानूनी कार्रवाई के लिए सहमति बनी और सिग्नेचर कैंपेन भी शुरू किया गया.

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क्लब के सीनियर सदस्य ब्रिगेडियर हरिंदर पाल बेदी ने बताया कि कई सदस्यों ने अदालत में याचिका दाखिल करने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अभी जारी है और सदस्य भी इसमें जुड़ रहे हैं. उनके मुताबिक क्लब से जुड़ा यह फैसला सदस्यों के लिए चौंकाने वाला है, क्योंकि यह जगह दशकों से उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत यादों का हिस्सा रही है.

सरकार के आदेश पर सवाल

सदस्यों का कहना है कि वे इस आदेश को कानूनी रूप से चुनौती देंगे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोमवार को कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी है. उनका मानना है कि इस फैसले से क्लब का भविष्य प्रभावित होगा. वहीं, जनरल पी.के. सेहगल ने कहा कि सभी सदस्यों ने एकजुट होकर इस आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है. उन्होंने बताया कि इस क्लब से देश के कई पूर्व राष्ट्रपति, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, राजनेता और अधिकारी जुड़े रहे हैं.

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सरकार की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह जमीन रणनीतिक और सुरक्षा जरूरतों के लिए जरूरी है. यह इलाका लुटियंस दिल्ली में स्थित है और प्रधानमंत्री आवास के करीब आता है. आदेश के अनुसार, 5 जून को पूरी जमीन और भवन सरकार को सौंप दिए जाएंगे.

दिल्ली जिमखाना क्लब की स्थापना वर्ष 1913 में 'इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब' के रूप में हुई थी. आजादी के बाद इसका नाम बदल दिया गया, लेकिन इसकी ऐतिहासिक पहचान और महत्व अब भी बना हुआ है.

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