लुटियंस दिल्ली के ऐतिहासिक 'दिल्ली जिमखाना क्लब' को केंद्र सरकार ने 5 जून तक खाली करने का आदेश दिया है. इस आदेश के बाद क्लब के करीब 600 कर्मचारियों की नौकरियों और भविष्य का संकट पैदा होता दिख रहा है.
बढ़ते तनाव के बीच दिल्ली जिमखाना क्लब के मैनेजमेंट ने कर्मचारियों को एक बड़ी राहत दी है. मैनेजमेंट ने सोमवार को साफ किया कि क्लब तुरंत बंद नहीं होने जा रहा है.
सोमवार सुबह कई कर्मचारी क्लब के बाहर बने ‘पीर बाबा’ मंदिर पहुंचे. वहां उन्होंने क्लब के भविष्य को लेकर दुआ मांगी. उन्होंने कहा कि तीर्थस्थल की यात्रा के तुरंत बाद, उन्हें आम समिति के सदस्यों से ये जानकारी मिली कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए कोशिश जारी है.
पीटीआई के मुताबिक जिमखाना कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष नंदन सिंह नेगी ने कहा, 'दिन में हमें क्लब के अध्यक्ष मलय सिन्हा और निदेशक कुलदीप चहल का फोन आया. उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि हमारी चिंताओं को एक लिखित नोट के जरिए सरकार तक पहुंचा दिया गया है और इस पर बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कल्याण को सबसे ज्यादा तरजीह दी जा रही है, ताकि किसी भी कर्मचारी को किसी भी तरह के बुरे नतीजों का सामना न करना पड़े.'
'अचानक सभी सदस्यों के फोन बजने लगे...'
कर्मचारियों ने बताया कि वहां का माहौल दहशत और लगातार अफवाहों से भरा हुआ था. उन्हें पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी और उन्हें न्यूजपेपर और समाचार चैनलों से इसका पता चला. क्लब के एक कर्मचारी ने कहा, 'हमें क्लब बंद होने के बारे में औपचारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई थी. उस दिन अचानक सभी सदस्यों के फोन बजने लगे. रात होते-होते, उस आदेश पर चर्चा करने के लिए और भी सदस्य क्लब में आने लगे.'
कर्मचारी ने आगे कहा, 'हमें इस बारे में सिर्फ फोन कॉल, समाचार रिपोर्टों और दूसरों के साथ बातचीत से ही पता चला. उस दिन से लेकर अब तक, हममें से कई लोग ठीक से सो भी नहीं पाए हैं. हमें अपने परिवारों की देखभाल करनी है और अपना घर-बार चलाना है.'
यह भी पढ़ें: ब्रिटिश दौर में बना, आज भी मेंबरशिप के लिए लंबी वेटिंग.... दिल्ली के जिमखाना क्लब की पूरी कहानी
खतरे में कर्मचारियों की नौकरी और भविष्य
कई कर्मचारियों ने कहा कि उनका पूरा जीवन इस क्लब से जुड़ा रहा है. कई पीढ़ियां यहां काम करती आई हैं. बच्चों का बचपन इसी क्लब में बीता है. उनके मुताबिक एक दिन में इतना पुराना रिश्ता खत्म नहीं हो सकता. कर्मचारियों का कहना है कि ये लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, बल्कि परिवार के भविष्य की है.
वहीं, कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ सालों में उनकी सुविधाएं कम हुई हैं. उनका कहना है कि कई कर्मचारियों को 2022 से महंगाई भत्ता नहीं मिला. बोनस घटा दिया गया, ग्रेच्युटी में कटौती हुई और रिटायरमेंट की उम्र भी 62 से घटाकर 60 साल कर दी गई.
क्लब के एक कर्मचारी अगले साल रिटायर होने वाले हैं. उनके मु्ताबिक युवा कर्मचारी सबसे ज्यादा परेशान हैं. उन्हें अपने परिवार और भविष्य की चिंता सता रही है. कर्मचारियों ने क्लब के बड़े खेल ढांचे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यहां टेनिस ग्रास कोर्ट, हार्ड कोर्ट, स्विमिंग पूल और कई खेल सुविधाएं मौजूद हैं. कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि अगर सरकार खेल ढांचा बढ़ाना चाहती थी, तो पिछले पांच सालों में कुछ क्यों नहीं किया गया.
अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं कर्मचारी
भले ही जिमखाना प्रबंधन ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया हो, लेकिन कर्मचारियों में अब भी घबराहट बनी हुई है. कई स्टाफ सदस्यों का कहना है कि उन्हें अब तक नौकरी की सुरक्षा को लेकर कोई लिखित गारंटी नहीं मिली है. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें जल्द ही उचित मुआवजा या कोई योजना नहीं मिली तो वो अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं.
इस बीच, दिल्ली जिमखाना क्लब ने केंद्र सरकार के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है. सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की है. कोर्ट आज (26 मई) इस याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है.
क्यों खाली कराई जा रही है जमीन?
पिछले हफ्ते केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के तहत आने वाले लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस ने क्लब को 27.3 एकड़ जमीन 5 जून तक खाली करने का आदेश दिया था. सरकार ने कहा कि इस जमीन की जरूरत जरूरी संस्थागत काम, प्रशासनिक ढांचे और रक्षा संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए है.
यह भी पढ़ें: ब्रिटिश दौर में बना, आज भी मेंबरशिप के लिए लंबी वेटिंग.... दिल्ली के जिमखाना क्लब की पूरी कहानी
बता दें कि दिल्ली जिमखाना क्लब देश के सबसे पुराने और वीआईपी क्लबों में से एक है. ब्रिटिश काल में साल 1913 में इसकी शुरुआत 'इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब' के रूप में हुई थी. आजादी के बाद इसका नाम बदलकर दिल्ली जिमखाना क्लब कर दिया गया था. ये क्लब अपनी बेहतरीन खेल सुविधाओं और आलीशान परिसर के लिए जाना जाता है.
aajtak.in