Exclusive: हरियाणा से दिल्ली में पहुंचते ही क्यों सूख गई यमुना नदी, कैसे खत्म होगा जल संकट?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की एक पहचान यमुना नदी की वजह से है. अतीत में जब इस नदी के किनारे दिल्ली शहर बसा होगा, तब यह नदी बहती नजर आ रही होगी. अब दिल्ली तक पहुंचते-पहुंचते यमुना नदी सूख गई है, जो राजधानी में जल संकट की वजह भी बन रही है.

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हरियाणा सरकार नहीं दे रही है दिल्ली को पर्याप्त पानी. (Photo- पंकज जैन) हरियाणा सरकार नहीं दे रही है दिल्ली को पर्याप्त पानी. (Photo- पंकज जैन)

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 12 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 7:32 PM IST
  • सूख गई है दिल्ली में यमुना नदी
  • हथिनी कुंड से नहीं छोड़ा गया पानी
  • पानी न होने से हो रहा बड़ा नुकसान
  • वजीराबाद में जलस्तर सबसे कम

दिल्ली शहर यूं तो यमुना नदी के किनारे बसा था लेकिन आज यमुना नदी की एक भयानक तस्वीर सामने आई है. दिल्ली पहुंचते ही यमुना नदी सूख गई है. 55 साल बाद यमुना नदी का ऐसा नजारा चौंकाने वाला है. सूखी यमुना नदी पर जब 'आजतक' की टीम पहुंची, तो आसपास के लोगों ने बताया कि ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा. महज, पिछले एक हफ्ते तक जिस जगह (रिवर बेड) 8 से 9 फीट की ऊंचाई तक यमुना नदी बह रही थी, वह नदी का इलाका अब पूरी तरह सूख गया है.

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दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के हथिनी कुंड से पिछले कई दिनों से पानी नहीं छोड़ा गया है. इस वजह से दिल्ली तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है. साथ ही एक वजह यह भी हो सकती है कि पिछले साल 2020 में बाढ़ भी नहीं आई थी, जिस वजह से पानी का स्तर भी कम हुआ है. अधिकारी ने बताया कि वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के नजदीक पॉन्ड लेवल 674.5 फीट होना जरूरी है, जो अब घटकर 667.8 ही रह गया है. 

दिल्ली जल बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक यमुना में पानी न होने के चलते तीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के प्रोडक्शन पर असर पड़ा है.

1. वजीराबाद प्लांट की क्षमता 135 एमजीडी से घटकर 80 एमजीडी हो गई है.
2. चंद्रवाल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 90 एमजीडी से घटकर 55 एमजीडी पर पहुंच गई है.
3. ओखला वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 20 एमजीडी से घटकर 12 एमजीडी रह गई है.

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दिल्ली में जल संकट के बीच AAP का आरोप- हरियाणा सरकार ने की यमुना के पानी में कटौती 

हरियाणा दिल्ली को सप्लाई करता है पानी!

हरियाणा दिल्ली को DSB (दिल्ली सब ब्रांच), CLC (कैरियर लाइन्ड चैनल) और रिवर यमुना से पानी सप्लाई करता है. तीनों चैनलों को मिलाकर करीब 1133 क्यूसेक हरियाणा से दिल्ली तक आना चाहिए, जिसमें भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड का हिस्सा भी शामिल है. इन दिनों ये आंकड़ा 920 क्यूसेक के करीब है, जो कम-ज्यादा होता रहता है. फिलहाल करीब 213 क्यूसेक पानी की कमी है, जो दिल्ली में पानी की किल्लत की वजह बना है.

 

बीच यमुना नदी में भी नहीं है बूंदभर पानी.

1965 के बाद सबसे कम जलस्तर!

सोमवार को दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन राघव चड्ढा ने वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया. राघव चड्ढा ने बताया कि 1965 के बाद पहली बार वजीराबाद बैराज में जलस्तर सबसे कम है. राघव ने कहा कि यमुना नदी इतनी ज्यादा सूख गई है कि रिवर बेड नजर आने लगा है. इस सूखे इलाके में हॉकी, गिल्ली-डंडा खेला जा सकता है. पानी इतना कम है कि अब नाव नहीं चलाई जा सकती है. हरियाणा सरकार ने रोजाना भेजे जाने वाला दिल्ली के हक का 120 एमजीडी पानी नहीं दिया है.

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जलस्तर सुधारने के लिए क्या करेगी दिल्ली सरकार?

दिल्ली में पानी की किल्लत से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, इस सवाल पर राघव चड्ढा ने बताया कि दिल्ली लैंडलॉक शहर है, जो पड़ोसी राज्यों से घिरा हुआ भी है. दिल्ली के पास अपना समंदर नहीं है. दिल्ली को उत्तर प्रदेश से गंगा का पानी, पंजाब के भाखड़ा नांगल और हरियाणा से यमुना नदी के जरिए पानी मिलता है. सबसे बड़ा हिस्सा यमुना नदी का होता है, जो आज सूख गया है. इस वजह से सेंट्रल दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और साउथ दिल्ली में पानी की किल्लत हो रही है.
 

बारिश के मौसम में भी सूखी है यमुना नदी.

हक के लिए सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची दिल्ली सरकार!

राघव चड्ढा ने कहा कि जिन इलाकों में पानी की किल्लत नहीं है, वहां से वॉटर टैंकर को किल्लत वाले इलाकों में डायवर्ट किया जा रहा है. दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियर और हेल्पलाइन सेंटर, जल संकट से उबारने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हरियाणा सरकार से दिल्ली के हक का पानी मांगा जा रहा है.

बीजेपी-AAP में आरोप-प्रत्यारोप शुरू!

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आरोप पर आम आदमी पार्टी (AAP) नेता राघव चड्ढा ने जवाब देते हुए कहा कि आरोप की राजनीति कर रहे बीजेपी नेताओं को हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के घर के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठना चाहिए. बीजेपी नेता तब तक पानी न पिएं, जब तक हरियाणा सरकार दिल्ली के हक का पानी न दे.  
 

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