दिल्ली के सरकारी स्कूल होंगे हाई-टेक, ‘सीएम श्री स्कूल योजना’ से बनेंगी AI स्मार्ट क्लास

दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा को डिजिटल और हाई-टेक बनाने के लिए सीएम श्री स्कूल योजना शुरू की है. इस योजना के तहत 75 स्कूलों में 7000 स्मार्ट क्लासरूम, 175 ICT लैब, 100 से अधिक डिजिटल लाइब्रेरी और लैंग्वेज लैब्स बनाई जा रही हैं.

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सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों जैसा बनाया जाएगा. (Photo: X/Dharmendra Pradhan)  सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों जैसा बनाया जाएगा. (Photo: X/Dharmendra Pradhan)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 17 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:18 PM IST

राजधानी दिल्ली में सरकारी शिक्षा को हाई-टेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. सरोजिनी नगर के एक स्कूल से ‘सीएम श्री स्कूल योजना’ की औपचारिक शुरुआत की गई, जिसके पहले चरण में 75 सरकारी स्कूलों को शामिल किया गया है.

‘सीएम श्री स्कूल योजना’ से जुड़े इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद मौजूद रहे. इस स्मार्ट योजना के तहत करीब 7,000 कक्षाओं को AI बेस्ड स्मार्ट क्लासरूम में बदला जा रहा है.

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सरकार का कहना है कि अब पढ़ाई सिर्फ ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टूल्स की मदद से बच्चों को एडवांस तरीके से पढ़ाया जाएगा. 31 मार्च 2026 तक सभी स्मार्ट क्लासेज पूरी तरह से शुरू किए जाने का लक्ष्य है.

175 नए ICT लैब और 100 से ज्यादा डिजिटल लाइब्रेरी

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 175 नए ICT लैब बनाए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 7,000 कंप्यूटर लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा 100 से ज्यादा डिजिटल लाइब्रेरी और 175 से ज्यादा लैंग्वेज लैब्स भी बनाई जा रही हैं. इससे छात्रों को ऑडियो-वीडियो और प्रैक्टिकल माध्यम से सीखने का मौका मिलेगा.

बजट पर उठे सवालों पर सरकार का जवाब

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बजट को लेकर सवाल जरूर उठे, लेकिन सरकार ने काम के जरिए जवाब देने का फैसला किया. उनका कहना है कि अगर इसे कम बजट कहा जा रहा है, तो ये ऐसा बजट है जो बेहतर नतीजे और ज्यादा काम देने वाला साबित होगा.

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यह भी पढ़ें: दिल्ली के सीएम श्री स्कूलों में क्या होगा खास, किस तरह मिलेंगे एडमिशन?

यमुना पार और बाहरी इलाकों तक पहुंच

सरकार का दावा है कि अब डिजिटल शिक्षा सिर्फ चुनिंदा स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगी. रोहिणी, यमुना पार और बाहरी इलाकों के सरकारी स्कूलों में भी एडवांस टेक्नोलॉजी से पहुंचाई जा रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, इसका लक्ष्य सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के बराबर लाना है.

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