दिल्ली: गांधी विहार में कई इमारतें झुकीं, गिरने का खतरा बढ़ा

दिल्ली के गांधी विहार की एफ ब्लॉक कॉलोनी एक बड़े हादसे का इंतजार कर रही है. इस कॉलोनी में कई इमारतें झुक जाने की वजह से जान का ख़तरा भी बढ़ गया है.

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दिल्ली का गांधी विहार इलाका दिल्ली का गांधी विहार इलाका

पंकज जैन / देवांग दुबे गौतम

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  • 05 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 2:54 PM IST

दिल्ली यूनिवर्सिटी के नज़दीक गांधी विहार की एफ ब्लॉक कॉलोनी एक बड़े हादसे का इंतजार कर रही है. इस कॉलोनी के ज्यादातर मकानों के बीच बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और कई इमारतें झुक जाने की वजह से जान का ख़तरा भी बढ़ गया है. इमारतें एक दूसरे पर झुक गई हैं, जिससे इनके गिरने का ख़तरा यहां रहने वाले लोगों की चिंता बना हुआ है.

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साल 2001 में गांधी विहार की एफ ब्लॉक कॉलोनी को बसाया गया था. बताया जा रहा है कि इस कॉलोनी को जहां बसाया गया है वहां पहले एक डंपिंग ग्राउंड था.  हैरानी की बात यह कि कॉलोनी की खस्ताहाल को लेकर डीडीए और एमसीडी के बीच पेंच फंसा हुआ है. इस कॉलोनी के चारों तरफ न सड़क है, न नाली या ड्रेनेज सिस्टम है और न ही कूड़े की सफाई का कोई इंतजाम है. कॉलोनी के हर हिस्से में कूड़े का ढेर बना रहता है. बरसात के दिनों में कॉलोनी के चारों तरफ पानी भर जाता है जो झुकी हुईं इमारतों के गिरने के खतरे को कई गुना बढ़ा रहा है.

गांधी विहार के एफ ब्लॉक में करीब 1500 मकान हैं, जिनमें लगभग 5000 स्टूडेंट और कुछ परिवार किराए पर रहते हैं. ज्यादातर मकान मालिक इन इमारतों में नहीं रहते, जबकि प्रॉपर्टी डीलर की मदद से स्टूडेंट यहां किराए पर मकान ले पाते हैं.  इस कॉलोनी से दिल्ली यूनिवर्सिटी का इलाका नज़दीक है इसलिए इन इमारतों में ज्यादातर स्टूडेंट ही रहते हैं.

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UPSC की तैयारी करने वाले  एक छात्र ने बताया कि वे पिछले डेढ़ साल से गांधी विहार के एफ ब्लॉक में किराए पर रह रहे हैं.  छात्र ने बताया कि कॉलोनी में कई ऐसी बिल्डिंग हैं जो झुकी हुईं हैं, कई बिल्डिंग में दरारें हैं और गंदगी इतनी ज्यादा है कि आना जाना मुश्किल हो गया है.

छात्र का कहना है कि जब भूकंप आता है तब बिल्डिंग बहुत तेज़ी से हिलती है जिससे इसके गिरने का डर हमेशा बना रहता है. यहां कॉलोनी में किराया 6 हजार से 12 हजार तक होता है.  शिकायत करते हैं तो मकान मालिक कमरा खाली करने की धमकी देते हैं.

जिस तरह से यहां की इमारतें झुकी हुईं हैं, उससे साफ है कि यह इमारतें कभी भी गिर सकती हैं. ऐसे में प्रशासन समय रहते नहीं जागा तो आने वाले दिनों में बड़ा हादसा हो सकता है.

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