केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की विधानसभा में सर्वश्रष्ठ विधायक पुरस्कार 18 वर्षों से बंद चल रहा था. दिल्ली विधानसभा की ओर से दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मान की 18 साल बाद फिर से वापसी हो गई है. दिल्ली विधानसभा ने इस सम्मान के लिए नाम की घोषणा कर दी है. सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार के लिए इस बार डॉक्टर अनिल गोयल के नाम का ऐलान किया गया है.
डॉक्टर गोयल दिल्ली की कृष्णानगर विधानसभा सीट से विधायक हैं. गुरुवार को हुई दिल्ली विधानसभा की उच्चस्तरीय बैठक में अनिल गोयल के नाम पर मुहर लग गई. दिल्ली विधानसभा की ओर से जल्द ही एक कार्यक्रम आयोजित कर डॉक्टर अनिल गोयल को यह पुरस्कार दिया जाएगा. दिल्ली के बीजेपी विधायक लंबे समय बाद इस सम्मान की वापसी को विधानसभा की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं.
दिल्ली विधानसभा की ओर से यह दावा किया गया है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से पूरी की गई है. इसके लिए सौ अंकों का विस्तृत मूल्यांकन ढांचा तैयार किया गया, जिसमें 65 अंक विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित थे. 35 अंक चयन समिति की ओर से गुणात्मक आकलन के आधार पर निर्धारित थे. इस मूल्यांकन में सबसे अधिक महत्व सदन की बहस में योगदान को दिया गया. इस श्रेणी के तहत 50 अंक निर्धारित थे.
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इसमें बहस की गुणवत्ता, विषय की समझ, भाषा की दक्षता के साथ ही खास तौर पर बोलने की कला का आकलन किया गया. सदन में उपस्थिति के साथ ही चयन समिति ने प्रश्न पूछने, नोटिस देने और समय का प्रभावी उपयोग करने जैसी विधायी गतिविधियों पर भी गौर किया. विधानसभा की समितियों में भागीदारी, योगदान के लिए भी 30 अंक निर्धारित किए गए थे. अनुशासन, आचरण और आधुनिक तकनीकी के उपयोग को भी महत्व दिया गया.
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विधानसभा अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि इस पुरस्कार का उद्देश्य उन जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करना है जो अपने कार्य में उत्कृष्टता, ईमानदारी और समर्पण का परिचय देते हैं. उन्होंने इसे एक स्वस्थ परंपरा बताते हुए कहा कि इससे अन्य विधायकों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी. विजेंदर गुप्ता ने कहा कि यह न केवल एक सम्मान है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल भी है.
सुशांत मेहरा