सत्येंद्र जैन को तिहाड़ में मिलेंगे फल और ड्राई फ्रूट्स? कोर्ट कल सुनाएगी फैसला

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तिहाड़ में बंद दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को जेल में विशेष आहार दिए जाने के मामले पर फैसला एक बार फिर टल गया है. अब इस मामले पर शनिवार को कोर्ट फैसला सुनाएगा. सत्येंद्र जैन ने जेल में उचित भोजन मुहैया नहीं कराने को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दायर की थी.

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सत्येंद्र जैन सत्येंद्र जैन

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 25 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 10:11 PM IST

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को जेल में उचित खाना उपलब्ध कराने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को फैसला एक बार फिर टल गया. इस मामले में दूसरी बार फैसला टला है. अदालत अब इस मामले पर शनिवार दोपहर दो बजे फैसला सुनाएगी. 

सत्येंद्र जैन ने जेल में उचित भोजन मुहैया नहीं कराने को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दायर की थी. जैन ने मांग की थी कि जेल प्रशासन उन्हें उनके व्रत के अनुसार सब्जियां, फल और मेवे उपलब्ध कराएं. 

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सत्येंद्र जैन ने व्रत के बारे में नहीं बताया

इस मामले पर जेल प्रशासन ने कहा कि सत्येंद्र जैन ने उन्हें नहीं बताया कि वह व्रत पर हैं. उन्हें इसे बारे में लिखकर देना चाहिए था. 

जेल प्रशासन ने कहा कि हमने कभी सत्येंद्र जैन को स्पेशल डाइट नहीं दी. जैन खुद ही खाना खरीदकर खाते थे. 

स्पेशल डाइट को लेकर जेल प्रशासन का कहना है कि रमजान और नवरात्र जैसे धार्मिक अवसरों पर ही कैदियों को विशेष आहार दिया जाता है. इनमें फल, बिना अन्न का भोजन और सब्जियां शामिल होती हैं. 

सूखे मेवे पर जेल प्रशासन की दो टूक

सत्येंद्र जैन का तिहाड़ जेल से एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें जेल में सूखे मेवे यानी ड्राइ फ्रूट्स खाते देखा गया था.

अब इस पर जेल प्रशासन ने कहा है कि कैदियों को रोजमर्रा के आहार में सूखे मेवे नहीं दिए जाते. हालांकि, कैदियों के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें पोषक तत्व दिए जाते हैं. 

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क्या कहा याचिका में?

सत्येंद्र जैन ने याचिका में कहा था कि उन्हें जेल परिसर में 'जैन आहार' (religious diet) और मंदिर नहीं जाने दिया जा रहा है. सत्येंद्र जैन ने कहा है कि वे बिना मंदिर गए नियमित भोजन नहीं करते हैं. रोज पहले मंदिर जाते हैं, उसके बाद ही कुछ खाते हैं. जैन ने आगे कहा कि वे उपवास में आहार के रूप में फल और सलाद लेते हैं. मंदिर गए बिना पके हुए भोजन नहीं करने की धार्मिक परंपरा का पालन करते हैं. इसके चलते जेल में पके हुए भोजन, अनाज और दुग्ध उत्पादों का सेवन नहीं कर रहे हैं. पिछले 2 दिन से उन्हें आहार के रूप में फल और सलाद नहीं दिया जा रहा है. इससे उन्हें परेशानी हो रही है.

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