2018 में दलाल, बिचौलियों और अंधकार से बिहार को मिलेगी मुक्तिः सुशील मोदी

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि जहां एक तरफ सरकारी योजनाओं को दलाल और बिचौलियों से मुक्त किया जाएगा, तो वहीं दूसरी ओर बिहारवासियों को भी पूरे तरीके से अंधकार से आजादी मिलेगी. मोदी ने कहा कि साल 2018 के अंत तक बिहार के सभी घरों में बिजली पहुंचा दी जाएगी.

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नववर्ष पर लोगों से मिलते उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी नववर्ष पर लोगों से मिलते उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी

राम कृष्ण / रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 01 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 11:23 PM IST

नववर्ष के पहले ही दिन बिहार सरकार ने दलालों और बिचौलियों पर नकेल कसने के अपने इरादे साफ जाहिर कर दिए हैं. सोमवार को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ऐलान किया कि बिहार सरकार उन तमाम योजनाओं से दलालों और बिचौलियों को बाहर का रास्ता दिखाएगी, जिनमें इनका बोलबाला है.

ने कहा कि जहां एक तरफ सरकारी योजनाओं को दलाल और बिचौलियों से मुक्त किया जाएगा, तो वहीं दूसरी ओर बिहारवासियों को भी पूरे तरीके से अंधकार से आजादी मिलेगी. मोदी ने कहा कि साल 2018 के अंत तक बिहार के सभी घरों में बिजली पहुंचा दी जाएगी.

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कृषि को राज्य के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरे कृषि रोडमैप के तहत अनेक योजनाओं का कार्यान्वित कर किसानों की आमदनी को भी बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी गांव में बिजली पहुंचाने के बाद अब नए साल में मई तक बचे-खुचे टोलों और दिसंबर तक हर घर में बिजली पहुंच जाने से लोगों को अंधकार से मुक्ति मिल जाएगी.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 3,030.51 करोड़ की योजनाओं के जरिए नए साल में बिहार के हर घर को रोशनी से जगमगाने का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है. वहीं, कृषि का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि डीजल आधारित खेती से छुटकारा के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 5,800 करोड़ रुपये से कृषि के लिए बिजली के अलग फीडर के निर्माण का काम शुरू हो चुका है, जिससे घर और खेती के लिए अलग-अलग बिजली उपलब्ध होगी और किसानों का लागत मूल्य कम होगा.

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा लागू किए गए तीसरे कृषि रोडमैप की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन के साथ ही समेकित खेती, कृषि वानिकी, पशु, मत्स्य और मुर्गी पालन आदि को प्रोत्साहित कर किसानों की आमदनी को बढ़ाने का बिहार सरकार ने फैसला लिया है.

सरकारी योजनाओं से दलाल और बिचौलियों को बाहर करने के लिए छात्रवृत्ति से लेकर राशन, पेंशन और धान खरीद तक की धनराशि को डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में भेजा जा रहा है. साथ ही इन बैंक खातों को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है. ने कहा कि इससे जहां योजनाओं के कार्यालय में पारदर्शिता आएगी, वहीं भ्रष्टाचार पर भी कारगर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.

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