IRCTC मामले में लालू परिवार पर कानूनी शिकंजा, कोर्ट ने भेजा समन

ये पहला भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है जिसमें उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी को लालू यादव के साथ आरोपी बनाया गया है. इससे पहले उनकी बेटी मीसा यादव भी पटियाला हाउस कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अपने पति शैलेश के साथ पेश हो चुकी हैं.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

दीपक कुमार / पूनम शर्मा

  • नई दिल्‍ली,
  • 30 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 12:39 PM IST

पटियाला हाउस कोर्ट ने IRCTC होटल मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को समन जारी किया है. कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव को 31 अगस्त को पेश होने का आदेश दिया है.

सीबीआई ने बीते 16 अप्रैल को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और इससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें लालू यादव की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव भी उन 14 लोगों में शामिल हैं. भ्रष्टाचार से जुड़ा ये पूरा मामला IRCTC के दो होटलों की देखरेख का ठेका एक निजी कंपनी को देने से जुड़ा हुआ है.

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दरअसल,  आरोप है कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के द्वारा रांची और पुरी में चलाए जाने वाले दो होटलों की देखरेख का काम अचानक सुजाता होटल्स नाम की कंपनी को दे दिया गया. विनय और विजय कोचर इस कंपनी के मालिक थे और सुजाता होटल्स ने इसके बदले में कथित तौर पर लालू यादव को पटना में तीन एकड़ जमीन दे दी, जो बेनामी संपत्ति थी. इस मामले में सीबीआई कई बार राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव से भी पूछताछ कर चुकी है.

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि तब के केंद्रीय रेल मंत्री लालू यादव ने निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया. इसके बदले में उन्हें कंपनी डिलाइट मार्केटिंग की तरफ से बेशकीमती जमीन दी गई. सुजाता होटल को ठेका मिलने के बाद 2010 और 2014 के बीच डिलाइट मार्केटिंग कंपनी का मालिकाना हक सरला गुप्ता से राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के पास आ गया. हालांकि इस दौरान लालू रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे चुके थे.

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