देश के 8 शहरों में आयोजित होंगे प्रवासी बिहारी सम्मेलन : सुशील मोदी

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में 'बिहार फाउंडेशन' के नए वित्तीय वर्ष की पहली कार्यकारिणी की बैठक हुई. बुधवार को आयोजित बैठक में इस वर्ष देश के आठ बड़े शहरों में प्रवासी बिहारी सम्मेलन, निवेशक मीट व रोड शो करने का फैसला लिया गया. इसके जरिए राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्यक्रमों से प्रवासी बिहारियों को अवगत कराया जाएगा.

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आठ शहरों में आयोजित होंगे बिहारी सम्मेलन आठ शहरों में आयोजित होंगे बिहारी सम्मेलन

राम कृष्ण / सुजीत झा

  • पटना,
  • 31 मई 2018,
  • अपडेटेड 12:41 AM IST

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में 'बिहार फाउंडेशन' के नए वित्तीय वर्ष की पहली कार्यकारिणी की बैठक हुई. बुधवार को आयोजित बैठक में इस वर्ष देश के आठ बड़े शहरों में प्रवासी बिहारी सम्मेलन, निवेशक मीट व रोड शो करने का फैसला लिया गया. इसके जरिए राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्यक्रमों से प्रवासी बिहारियों को अवगत कराया जाएगा.

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ने बताया कि फाउंडेशन के मुंबई चैप्टर की ओर से इस साल पुणे व सूरत में और बिहार फाउंडेशन पटना की ओर से दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु व नागपुर में प्रवासी बिहारी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे.

इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग विभाग की ओर से निवेशक सम्मेलन और रोड शो का आयोजन कर बिहार में निवेश के इच्छुक निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा. स्टॉल लगाकर बिहारी व्यंजनों का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा.

से बाहर देश और विदेश में रहने वाले बिहारियों को जोड़ने के लिए फाउंडेशन की ओर से एक वेबसाइट www.biharfoundation.in शुरू की गई है, जिसमें एक लाख प्रवासी बिहारियों को निबंधित करने का लक्ष्य है. बिहार सरकार के कामकाज से अवगत कराने के लिए एक मासिक ई-न्यूज लेटर हिन्दी और अंग्रेजी में शुरू किया गया है. इसके अलावा फेसबुक और ट्विटर पर भी बिहार फाउंडेशन को सक्रिय किया गया है.

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सुशील मोदी ने बताया कि देश के अलावा फाउंडेशन के कतर, दुबई, बहरीन, सऊदी अरब, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया, सिंगापुर व अन्य देशों के चैप्टर को भी सक्रिय करने और साल में कम से कम एक बार बिहार दिवस का कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है.

बिहार फाउंडेशन का गठन सूबे के बाहर देश और विदेश में रहने वाले प्रवासी बिहारियों के सरकार से जीवंत संबंध स्थापित कराने व उन्हें राज्य से जोड़ने के लिए किया गया है.

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