PCOS से होता है बांझपन का खतरा, ये योग हैं फायदेमंद, AIIMS की रिसर्च

AIIMS नई दिल्ली की रिसर्च में पता चला है कि योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान करने से हार्मोनल असंतुलन में सुधार होता है, जिससे PCOS के लक्षण कम होते हैं. डॉ. रीमा दादा के नेतृत्व में हुई इस रिसर्च में महिलाओं के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है.

Advertisement
योग के फायदे योग के फायदे

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 18 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST

खराब खानपान और लाइफस्टाइल के कारण महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) की समस्या तेजी से बढ़ रही है. अब इस बीमारी को पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) कहा जाने लगा है. यह महिलाओं में बांझपन होने का भी कारण बन सकती है. हालांकि इसको आसानी से कंट्रोल भी किया जा सकता है. एम्स नई दिल्ली में हुई रिसर्च से पता चला है कि नियमित योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान से PMOS को काबू में किया जा सकता है. . 

Advertisement

AIIMS के एनाटॉमी विभाग में मॉलिक्यूलर रिप्रोडक्शन एंड जेनेटिक्स लैब की प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा के नेतृत्व में यह रिसर्च हुई है. इसमें पता चला है कि नियमित योग करने से PMOS से संबंधित सभी लक्षणों में कमी आती है. डॉ रीमा आजतक. इन से बातचीत में बताती हैं कि देश में PMOS के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. यह समस्या अब शहर की नहीं बल्कि गांव की महिलाओं को भी हो रही है. खराब खानपान और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल इसका कारण है. 

 PMOS की बीमारी के कारण क्या होता है

PMOS की बीमारी के कारण महिलाओं में बांझपन का रिस्क होता है. उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ने लगता है. इस वजह से चेहरे पर बाल आने लगते हैं. कुछ महिलाओं में वजन भी तेजी से बढ़ता है. रिसर्च में यह पता चला है कि योग, प्राणायाम और ध्यान से PMOS के इन सभी लक्षणों को काबू में किया जा सकता है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: सिगरेट और तंबाकू छोड़ना चाहते हैं? ये योग कर सकते हैं मदद, AIIMS के डॉक्टर का दावा

योग करने से महिलाओं को क्या- क्या फायदा हुआ

डॉ. रीमा बताती हैं कि एम्स में हुई रिसर्च में 100 से अधिक महिलाओं को शामिल किया गया था. इन महिलाओं  ने 12 सप्ताह तक हफ्ते में पांच दिन तक हर दिन 90 मिनट योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया था. डॉ. रीमा दादा ने बताया कि जिन महिलाओं ने योग, ध्यान और प्राणायाम किया  उनके शरीर में कई महत्वपूर्ण हार्मोनल बदलाव देखने को मिले.  

योग से महिलाओं के पीरियड समय पर आए. वजन कंट्रोल में आया, उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल कम हुआ. इससे उनके चेहरे और शरीर पर बालों की वृद्धि कम हुई  मुंहासों जैसी समस्याओं में भी कमी देखी गई. कई महिलाओं ने यह भी बताया कि योग करने के बाद उनके बच्चा भी कंसीव हुआ. 

यह भी पढ़ें: स्वामी रामदेव ने गिनाए योग के फायदे, योगासन करके ठीक हुए लोगों से मिलाया, देखें

वजन, शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर भी असर

रिसर्च से यह भी पता चला कि योग करने से महिलाओं का मेटाबॉलिक रेट भी अच्छा हुआ. उनके शरीर में इंसुलिन का फंक्शन बेहतर होने लगा. इससे उनके वजन और ब्लड शुगर लेवल में काफी कमी देखी गई. योग से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी मदद मिली. योग और ध्यान करने वाली महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण भी कम हुए हैं. 

Advertisement

कौन से योग फायदेमंद

डॉ रीमा दादा ने बताया कि रोज योग, ध्यान और प्राणायाम करने से शरीर को काफी फायदा मिलता है. चूंकि PMOS जैसी बीमारियां महिलाओं में तेजी से बढ़ रही है तो उनको योग रोज करना चाहिए. आप ये योग कर सकते हैं.

बद्ध कोणासन

सेतु बंधासन 

कोबरा मुद्रा

नौकासन 

मलासन 

सूर्य नमस्कार
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »