फैक्ट चेक: 13 वर्षीया नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म मामले के अपराधियों का नहीं है ये वीडियो

सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा आरोपियों की परेड कराने और उन्हें पीटने का एक वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर सामूहिक दुष्कर्म मामले से जोड़कर वायरल किया जा रहा है. आजतक फैक्ट चेक में पाया गया कि यह दावा पूरी तरह झूठा है और इस वीडियो का राजस्थान की दुखद घटना से कोई लेना-देना नहीं है.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर का है जहां पुलिस ने 13 वर्षीय नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म करने वाले अपराधियों के हाथ बांध कर उन्हें परेड कराई.
सच्चाई
ये गुजरात का मार्च 2026 का वीडियो है. ये चंदे के विवाद से जुड़ी एक दूसरी घटना से संबंधित है.

मो. महफूज़ आलम

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:47 PM IST

राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक 13 वर्षीया नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस अब तक कुल 18 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. 

अब इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया है जिसमें पुलिसवाले कुछ लोगों के हाथ में रस्सी बांधकर उन्हें ले जा रहे हैं. पुलिसवाले इन लोगों को मार भी रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि ये श्रीगंगानगर में बच्ची से दुष्कर्म मामले के आरोपी हैं.

Advertisement

वीडियो को शेयर करते हुए, एक व्यक्ति ने लिखा, “यही हैं वो 13 साल की "बिटिया" के साथ दरिंदगी कर मार देने वाले दरिंदे. इन दरिंदों को ऐसी सजा दी जाए जो दुनिया में मिसाल बने मगर फिर से वही ब्लडी डेमोक्रेसी. एक 13 साल की बच्ची कोचिंग जाने के लिए रिक्शा पकड़ती है. रिक्शे वाला उसे 50 हज़ार में एक होटल के मालिक को बेच देता है. जिसे ये 5 दिन तक 32 लोग उस बच्ची को नोचते रहे हैं. चंद पैसों के लिए होटल मालिक ने मात्र 13 साल की बिटिया को 32 लोगों के सामने परोस दिया. इन 5 दिनों में उसका शरीर ही नहीं आत्मा भी मर गई होगी.” 

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि  ये मार्च 2026 का गुजरात का वीडियो है. इसका श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले से कोई लेना-देना नहीं है.  

Advertisement

कैसे पता की सच्चाई? 

वीडियो के कीफ्रेम्स को रीवर्स सर्च करने पर हमें ये एक्स पर 'शाइनिंग इंडिया' न्यूज नामक अकाउंट से 15 मार्च को शेयर किया हुआ मिला. पोस्ट के मुताबिक, इसमें  में दिख रहे लोगों ने  गुजरात के पाटन जिले के झीलिया गांव में एक फार्म हाउस पर हमला किया था. गुजरात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनकी सार्वजनिक परेड भी कराई थी. 

कीवर्ड सर्च करने पर हमें इस घटना से संबंधित ABP अस्मिता की 19 मार्च की रिपोर्ट मिली. खबर के मुताबिक, यह हमला मंदिर के चंदे से संबंधित एक पुराने विवाद से जुड़ा हुआ था. आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था जहां से उन्हें 23 मार्च, 2026  तक पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था.  

दैनिक भास्कर की 23 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक, ये फार्म हाउस, भावेश देसाई नामक व्यक्ति का है. फार्म हाउस के अलावा आरोपियों ने पुलिस वाहन पर भी हमला किया था. इंडिया टुडे की 19 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले को लेकर दो एफआईआर दर्ज हुईं थीं. 
 
साफ है, वीडियो पुराना है और इसका श्रीगंगानगर में हुई घटना से कोई लेना-देना नहीं है.  
 

---- समाप्त ----

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »