फैक्ट चेक: नूपुर शर्मा विवाद से जोड़कर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का सात साल पुराना बयान वायरल

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर पर विवादित टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस बयान को वायरल कर लोग दावा कर रहे हैं कि यूपी सीएम खुलकर नूपुर शर्मा के समर्थन में उतर आए हैं. आइए जानते हैं इस बयान की सच्चाई.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्व बीजेपी नेता नूपुर शर्मा का पक्ष लेते हुए बयान दिया है कि मुसीबत के समय अपने साथियों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए.
सच्चाई
ये बयान योगी आदित्यनाथ ने साल 2015 में गाजियाबाद के दूधेश्वरनाथ मंदिर में विश्व हिंदू महासंघ के एक कार्यक्रम में दिया था. हाल-फिलहाल में उनकी तरफ से इस मामले को लेकर ऐसी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

ज्योति द्विवेदी

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2022,
  • अपडेटेड 5:36 AM IST

नूपुर शर्मा विवाद के बीच कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ नूपुर के समर्थन में उतर आए हैं. कि योगी ने मुसीबत के समय अपने साथियों का साथ न छोड़ने की बात कही है. 

नूपुर के बीजेपी से निलंबन के बाद कई भाजपा नेताओं के नाराज होकर आई थीं.

और अब, इस मामले से जोड़ते हुए योगी आदित्यनाथ के एक भाषण का हो गया है. इसमें वो कह रहे हैं, 'जब आप उसके सामने, उसके साथ खड़े होंगे, तो आपके साथ जुड़ेगा. और जब किसी पर संकट आए और आप अपना मोबाइल फोन बंद करके भाग खड़े होंगे, और फिर उम्मीद करेंगे कि वो आपके साथ खड़ा होकर के कार्य करेगा. कभी नहीं करेगा. हिंदू विश्वास क्यों टूटा है? उसके पीछे कारण यही है. जब संकट आता है, भाग खड़े होते हैं लोग. पदाधिकारी अपना मोबाइल फोन बंद कर देते हैं. और उसके बाद वो व्यक्ति अकेले पड़ जाता है. सामूहिक रूप से हम लड़ना नहीं सीखते.' 

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एक ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, '#योगी_आदित्यनाथ का आया तगड़ा बयान #नूपुर_शर्मा के समर्थन में'.    

इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि नूपुर शर्मा के बयान को लेकर योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया के नाम पर वायरल ये वीडियो 10 मई 2015 का है.

उस वक्त योगी आदित्यनाथ बीजेपी सांसद थे और विश्व हिंदू महासंघ के एक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे. तब यूपी के सीएम अखिलेश यादव थे. 

हाल-फिलहाल में नूपुर शर्मा के बयान को लेकर योगी आदित्यनाथ की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. हां, उन्होंने 10 मई को प्रदेश में नूपुर के बयान को लेकर उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त ऐक्शन लेने की बात जरूर कही है.  

कैसे पता लगाई सच्चाई? 

वायरल वीडियो में मंच पर एक जगह ‘श्वर नाथ मठ मंदिर, गाजियाबाद’ लिखा देखा जा सकता है. इसे सर्च करने पर रिजल्ट में ‘दूधेश्वनाथ मठ मंदिर, गाजियाबाद’ आया. ये देखकर हमें लगा कि ये वीडियो गाजियाबाद का हो सकता है.

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 कीवर्ड सर्च के जरिये हमें ‘उपासना टीवी’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर 15 मई, 2015 को पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला. वायरल वीडियो वाला हिस्सा इस वीडियो में 26वें मिनट पर देखा जा सकता है. 

यहां कैप्शन में बताया गया है कि ये 10 मई, 2015 को गाजियाबाद के श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में आयोजित ‘विश्व हिंदू महासंघ’ के प्रांतीय अधिवेशन का वीडियो है. 

पूरा वीडियो देखकर ये बात समझी जा सकती है कि योगी उस वक्त हिंदुओं के बीच एकता और संगठन की बात कर रहे थे. 

हमने ‘विश्व हिंदू महासंघ’ के सदस्य और पूर्व यूपी मीडिया इंचार्ज मनीष श्रीवास्तव से संपर्क किया. मनीष ने हमें बताया कि साल 2015 के जिस कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने ये बयान दिया था, उसमें वो मौजूद थे और इसके संयोजन का काम संभाल रहे थे. मनीष ने इस बात की पुष्टि की कि ये कार्यक्रम 10 मई, 2015 को गाजियाबाद के श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर सभागार में हुआ था. उस वक्त योगी आदित्यनाथ बीजेपी सांसद और ‘विश्व हिंदू महासंघ’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. 

मनीष ने हमें साल 2015 में इस कार्यक्रम को लेकर छपी कई खबरों की कटिंग भी भेजी.

इनमें से एक खबर में योगी आदित्यनाथ के पीछे वही सफेद शर्ट और भगवा स्कार्फ वाला शख्स दिखाई दे रहा है, जो वायरल वीडियो में मौजूद है.

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पड़ताल से ये बात साफ हो जाती है कि योगी आदित्यनाथ के एक सात साल पुराने बयान को नूपुर शर्मा प्रकरण से जोड़ कर पेश किया जा रहा है.

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