बीते तीन दिनों में 56000 से भी ज्यादा तीर्थयात्री अमरनाथ पहुंचे. इसी संदर्भ में धू-धूकर जलती हुई एक बस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कई लोगों का कहना है कि जिस इस बस में अमरनाथ जा रहे तीर्थयात्री सवार थे और इसका ये हाल एक ग्रेनेड हमले की वजह से हुआ.
अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई, 2026 को हुई थी. 57 दिनों तक चलने वाली ये यात्रा 28 अगस्त, 2026 को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी.
बस के जलने का वीडियो शेयर करते हुए, एक एक्स यूजर ने लिखा, “बीजेपी फिर सुरक्षा देने में नाकाम रही. श्रीनगर में अमरनाथ के यात्रियों को ले जा रही बस पर हैंड ग्रेनेड से हमला किया गया. एक लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात होने के बावजूद, मोदी सरकार और अमित शाह अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यह न लगे कि वे फेल हो गए हैं.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये बेंगलुरु का वीडियो है जहां एक सरकारी बस में आग लग गई थी. इसका अमरनाथ यात्रा से कोई लेना-देना नहीं है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 'टाइम्स नाउ' के यूट्यूब चैनल पर मिला. यहां इसे 4 जुलाई को शेयर किया गया था. यहां बताया गया है कि ये बस केरल की है और इसमें आग लगने की घटना बेंगलुरु में हुई थी.
केरल के स्थानीय न्यूज आउटलेट मातृभूमि न्यूज ने 3 जुलाई को और इंडिया टीवी ने 4 जुलाई को इस घटना का वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया था. दोनों न्यूज आउटलेट्स के मुताबिक, ये बस केरल राज्य परिवहन की है.
इंडिया टीवी की 4 जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 जुलाई की शाम बेंगलुरु में ज्ञान भारती मेट्रो स्टेशन के नीचे केरल राज्य परिवहन की बस में आग लग गई थी. इंजन में आग लगने के बाद बस धू-धू कर जलने लगी. जब ये घटना हुई, उस वक्त बस में ड्राइवर और कंडक्टर के साथ सिर्फ 2 यात्री ही थे. वे चारों समय रहते बस से बाहर आ गए और सुरक्षित बच गए.
केरल के एक अन्य न्यूज आउटलेट रिपोर्टर टीवी के मुताबिक, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था. धुआं उठते ही बस में सवार यात्री और स्टाफ बाहर निकल आए थे.
हमें अमरनाथ यात्रा पर जा रहे लोगों से भरी किसी बस पर ग्रेनेड से हमले की कोई हाल-फिलहाल की रिपोर्ट नहीं मिली.
साफ है कि ये वीडियो अमरनाथ यात्रा का नहीं, बेंगलुरु का है.
मो. महफूज़ आलम