फिल्म 'जीरो' में सुपरस्टार शाहरुख खान के दोस्त की भूमिका में अभिनेता जीशान अयूब के अभिनय को दर्शकों और आलोचकों से सराहना मिली है, लेकिन कुल मिलाकर हालिया रिलीज फिल्म को मिला-जुला रिव्यू मिला है. जीशान ने कहा कि लोग कभी-कभी रूखे और पाखंडी हो जाते हैं, क्योंकि कभी तो वे सहज व सुरक्षित दायरे से बाहर नहीं आने पर कलाकारों की आलोचना करते हैं और कभी सहज दायरे से बाहर आकर कुछ करने पर भी कलाकारों की अलोचना करने लगते हैं.
'जीरो' जो शुक्रवार को कथित रूप से भारत में 4,000 स्क्रीन पर रिलीज हुई है, कुछ लोगों ने इसकी पटकथा को कमजोर बताया है, तो कुछ ने इसे बहुत बोरिंग बता कर इसकी आलोचना की है. यह बड़े बजट की फिल्म लेखक हिमांशु शर्मा और निर्देशक आनंद एल. राय को साथ लेकर आई है, जो भारत के छोटे शहरों की कहानियां सुनाने में माहिर हैं. बता दें कि जीरो ने पहले दिन 20.14 करोड़ और दूसरे दिन करीब 18.22 करोड़ की कमाई की है.
जीशान ने आईएएनएस को फोन पर दिए साक्षात्कार में बताया, "आनंद छोटे शहरों की कहानियां बताने में माहिर हैं, लेकिन मैं हमेशा लोगों से कहता हूं कि चाहे कलाकार, अभिनेता या निर्देशक हों..हमें लोगों को थोड़ा प्रयोग करने की छूट देनी चाहिए. हम कहते रहते हैं कि 'हर कोई खुद को दोहरा रहा है.' अगर फिल्मकार एक ही तरह की फिल्में बनाता है, अभिनेता एक ही तरह के किरदार करता है, तो हमें उससे दिक्कत होती है."
अभिनेता ने कहा कि जब कोई प्रयोग करता है तो लोग उस पर टूट पड़ते हैं. जो गलत है. आनंद एल. राय के साथ 'तनु वेड्स मनु-2' में काम कर चुके अभिनेता ने उनका बचाव करते हुए कहा, "मेरा मानना है कि वह हर तरह के प्रयोग करना चाहते हैं. हमें उन्हें इसकी छूट देनी चाहिए, हम रूखे और कभी-कभी पाखंडी भी बन गए हैं. अभी कुछ दिनों पहले मैं कहा करता था कि 'मैं जानता हूं कि मैं एक ही तरह के किरदार कर रहा हूं और मुझे हीरो का दोस्त होने का टैग मिल रहा है."
जीशान ने सवालिया लहजे में कहा, "अब, अगर किसी ने कुछ करने की कोशिश की है तो हम उसके पीछे क्यों पड़ जाते हैं?" फिल्म 'जीरो' की कहानी एक बौने शख्स बउआ (शाहरुख खान) के इर्द-गिर्द घूमती है. फिल्म में अनुष्का शर्मा और कैटरीना कैफ भी हैं. जीशान ने स्वीकार किया कि फिल्म में कुछ कमियां हैं और उनका मानना है कि इसे मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है.
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