मिस इराक ने मिस इजराइल संग ली सेल्फी, परि‍वार को छोड़ना पड़ा देश

बिकिनी शूट करवाने और मिस इजरायल के साथ सेल्फी पोस्ट करने को लेकर मिस इराक सारा इदान के परिवार को मिल रहीं जान से मारने की ध‍मकियों के चलते छोड़ना पड़ा देश.

Advertisement
मिस इजरायल अदार गेंडल्‍समैन और मिस इराक सारा इदान मिस इजरायल अदार गेंडल्‍समैन और मिस इराक सारा इदान

पूजा बजाज

  • दिल्ली,
  • 17 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:19 AM IST

मिस यूनि‍वर्स प्रतियोगिता के दौरान मिस इराक सारा इदान को मिस इजरायल अदार गेंडल्‍समैन के साथ सेल्फी लेना इतना मह‍ंगा पड़ा कि उनके परिवार और उन्हें जान से मारने की धमकियां तक मिलना शुरू हो गईं. मिल रही धमकियों के चलते मिस इराक के परिवार को अपना देश तक छोड़ना पड़ गया है. जानें क्या है पूरा मामला...

दरअसल इस साल 14 नवंबर कमिस यूनिवर्स-2017 प्रतियोगि‍ता के दौरान मिस इराक सारा इदान ने मिस इजारायल के साथ सेल्फी लेकर उसे अपने इंस्टाग्राम अकांउट पर पोस्ट कि‍या था.  इस सेल्फी को पोस्ट करने को लेकर और  प्रतियोगि‍ता के लिए करवाए गए बिकिनी शूट करवाने पर सारा को धमकियां मिलनेलगीं.

Advertisement

सेल्फी को पोस्ट करते ही सारा और उनके परिवार को जान से मारने और उनका ताज छिनने की धमकियां मिलना शुरू हो गईं. इसी के चलते सारा का परिवार इराक छोड़ अमेरिका चला गया. मिस इजरायल अदार गेंडल्‍समैन ने Hadashot नाम के न्यूज चैनल को दिए गए एक इंटरव्यू में बताया कि सारा अमेरिका रहती हैं, बिकिनी शूट करवाने को लेकर और मिस इजरायल के साथ सेल्फी पोस्ट करने के बाद मिल रहीं धमकियों के चलते उनके परिवार को अपना देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

अदार ने Jewish Chronicle को बताया कि तस्वीर को पोस्ट करने को लेकर सारा के परिवार को लगातार धमकियां मिल रहीं थीं. उन्होंने कहा कि लोग इदान और उनके परिवार के खि‍लाफ खड़े हो गए और उन्हें धमकी दी गई कि अगर उनका परिवार और वो देश वापि‍स लौटे तो उन्हें मार दिया जाएगा और उनका ताज भी छीन लिया जाएगा. '

Advertisement

मिस इराक सारा इदान ने मिस इजरायल के साथ तस्वीर को पोस्ट कर एक साथ मिलकर रहने का संदेश दिया था. बता दें लंबे समय से इराक और इजरायल देश के बीच तनातनी चल रही है. दोनों देशों के बीच कई बार युद्ध हो चुका है और लाखों लोग इसमें जान गवां चुके हैं.

सारा इदान ने इस पूरी घटना पर एक ट्वीट भी किया, उन्होंने लिखा, 'मैं पहली और आखि‍री इंसान नहीं हूं जिन्हें व्यक्‍तिगत आजादी को लेकर इस तर‍ह के फैसलों का सामना करना पड़ रहा है. लाखों इराकी महिलाएं इस तरह के डर में जीने को मजबूर हैं.'

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement