कादर खान के बचपन का किस्सा: रात को कब्रिस्तान में क्या करने आते थे?

Kader Khan passes away unknown facts ह‍िंदी स‍िनेमा के हरफनमौला कलाकार कादर खान का कनाडा में निधन हो गया. लेकिन उनके पीछे तमाम ऐसे किस्से और कहानियां हैं जो एक कलाकार के संघर्ष और उपलब्धियों के लिहाज से हमेशा ज‍िंदा रहेंगी.

Advertisement
कादर खान PHOTOS- Twitter कादर खान PHOTOS- Twitter

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 12:12 PM IST

Kader Khan passes away unknown facts ह‍िंदी स‍िनेमा के हरफनमौला कलाकार, कादर खान का कनाडा में निधन हो गया. लेकिन उनके पीछे तमाम ऐसे किस्से और कहानियां हैं जो कादर खान के संघर्ष और उपलब्धियों के लिए हमेशा याद की जाएंगी.  कादर खान की शख्स‍ियत को करीब से देखें तो एहसास होता है कि एक आम सा द‍िखने वाला इंसान द‍िलचस्प किताब की तरह है. ज‍िसके हर एक सफे पर सीख दे जाने वाले तजुर्बे ल‍िखे हैं.

Advertisement

कादर खान से जुड़ा एक द‍िलचस्प वाकया है कि वो बचपन में रात के वक्त कब्र‍िस्तान जाया करते थे. रिपोर्ट्स के मुताब‍िक कादर खान मुंबई में अपने घर के पास वाले कब्र‍िस्तान में र‍ियाज कर रहे थे. एक रोज कादर खान का र‍ियाज जारी था कि तभी टॉर्च की रोशनी उनके चेहरे पर पड़ी. टॉर्च जलाने वाले इंसान ने कादर खान से पूछा कि तुम यहां क्या कर रहे हो?

कादर खान ने सीधा जवाब द‍िया, "रियाज कर रहा हूं. मैं दिन में जो भी अच्छा पढ़ता हूं, रात में यहां आकर उसका र‍ियाज करता हूं." कादर खान से सवाल करने वाले शख्स थे अशरफ खान. अशरफ खान, कादर खान से प्रभावित हुए और उनसे पूछा. "नाटक में काम क्यों नहीं करते हैं. काम करोगे? और इस तरह कादर खान के नाटक में काम करने का सफर शुरू हुआ. 

Advertisement

कादर खान ने जब 1977 में मुकद्दर का स‍िकंदर ल‍िखी तो इसमें एक अहम सीन है. जब बच्चा कब्र‍िस्तान में जाकर रोता है. वहां एक फकीर से उसकी मुलाकात होती है. इस सीन को कादर खान ने अपनी असल ज‍िंदगी से ही लिया था. खुद उन्होंने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था.

यह भी पढ़ें :

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement