Kedarnath Review: फिल्म की कहानी कमजोर, सारा का दमदार अभिनय

फिल्म केदारनाथ का रिव्यू. जानें कैसी है सुशांत सिंह राजपूत, सारा अली खान, पूजा गौर और नितीश भारद्वाज की फिल्म.

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Kedarnath-  सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान Kedarnath- सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान

शिवांगी ठाकुर

  • मुंबई,
  • 07 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

फिल्म- केदारनाथ

निर्देशक- अभिषेक कपूर

स्टारकास्ट- सुशांत सिंह राजपूत, सारा अली खान, पूजा गौर, नितीश भारद्वाज

सर्टिफिकेट- U/A

रेटिंग्स- 3.5

केदारनाथ से सारा अली खान बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं. सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा के बॉलीवुड डेब्यू का इंतजार सभी को था. अब वो इंतजार खत्म हो गया है. अभिषेक कपूर के निर्देशन में बनी फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत सारा के अपोजिट रोल में हैं. तो चलिए जानते हैं कि सारा की ये पहली फिल्म कैसी है.

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क्या है फिल्म की ?

केदारनाथ एक ऐसी फिल्म है जो बॉलीवुड की वही लव स्टोरी बयां करती है जो अमूमन हर दूसरी फिल्म में दिखाई देती है. इसे केदारनाथ में साल 2013 में आए प्रलय से जोड़ा गया है. लड़का, लड़की, प्यार, इजहार, इनकार और फिर इकरार के साथ कहानी में दो परिवारों के बीच होने वाला घमासान युद्ध भी है.

की कहानी एक हिन्दू पंडित की बेटी मंदाकिनी उर्फ़ मुक्कु (सारा अली खान) से शुरू होती है जो की बेहद जिद्दी, खुशमिज़ाज़ और अल्हड़ हैं. मुक्कु को एक मुस्लिम पिट्ठू (तीर्थयात्रियों को कंधे पर उठानेवाला) मंसूर (सुशांत सिंह राजपूत) से प्यार हो जाता है. दो अलग धर्म के लोगों का प्यार वादी के लोगों को पसंद नहीं आता और फिर इस प्यार को तोड़ने की भरपूर जद्दोजहद शुरू हो जाती है. इस पूरी कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब मंदाकिनी और मंसूर के प्यार को तोड़ने के लिए पंडितों और पिट्ठुओं के बीच जंग छिड़ जाती है और इसी बीच कुदरत भी अपना कहर बरपा देता है.

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क्यों देख सकते हैं फिल्म?

फिल्म को सबसे पहले इसे के लिए देखिए. मूवी को  देखने के बाद जो चीज सबसे ज्यादा आपके दिमाग पर छाप छोड़ती है वो है सारा अली खान. सारा नैचुरली जितनी खूबसूरत और बेबाक हैं परदे पर भी उनकी खूबसूरती और बेबाकपन साफ़ झलकता है. फिल्म देखकर लगता ही नहीं की ये उनकी पहली फिल्म है. फिल्म के एक एक सीन में सारा कॉन्फिडेंटऔर दमदार दिखीं. इसके अलावा सुशांत सिंह राजपूत ने भी इस पूरी फिल्म में काफी मेहनत की है. सुशांत ने शारीरिक तौर पर काफी मेहनत की है. फिल्म में वो एक पिट्ठू के किरदार में हैं.

फिल्म में सारा और के बीच कई ऐसे खूबसूरत लम्हे फिल्माए गए हैं, जिसे देखकर कभी-कभी सारा में उनकी मां अमृता सिंह की झलक दिखाई देती है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी भी काफी अच्छी है. वादी की खूबसूरती को तुषार कांती रॉय ने कैमरे और ड्रोन से जिस खूबसूरती से फिल्माया गया है वो काबिले तारीफ है.

कमजोर कड़ियां

फिल्म की कमजोर कड़ी की बात करें तो वो है इसकी कहानी. केदारनाथ की कहानी पस्त है. साथ ही फिल्म में जरूरत के मुताबिक, गाने ही नहीं हैं. 'नमो नमो' गाने के अलावा अमित त्रिवेदी कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए हैं. वहीं दूसरी ओर फिल्म की कहानी काफी प्रिडिक्टेबल है और क्लाइमेक्स भी थोड़ा बेहतर हो सकता था.  

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