कहने की बात नहीं कि अभिनेता अमरीश पुरी भारत के सबसे मशहूर खलनायकों में से एक रहे. उन्होंने करीब 300 से ज्यादा फ़िल्में की. उनके करियर में ज्यादातर किरदार नकारात्मक ही रहे. हालांकि उन्होंने चरित्र अभिनेता के तौर पर भी कई फिल्मों में जोरदार अभिनय किया. दमदार आवाज और सशक्त अभिनय की वजह से ही वो एक लंबे वक्त तक दर्शकों के प्रिय बने रहे. 12 जनवरी को अमरीश पुरी की पुण्यतिथि है. इस मौके पर हम उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों की जानकारी दे रहे हैं.
1) अमरीश पुरी का जन्म पंजाब के नमन शहर में 22 जून 1932 में हुआ था. उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती दौर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम में काम किया.
2) 1961 में अब्राहम अल्काजी के प्रोत्साहन से थियेटर में कदम रखा. बाद में सत्यदेव दुबे के असिस्टेंट के रूप में काम किया. सत्यदेव दुबे को वो अपना गुरु भी मानते थे.
3) उनके बड़े भाई चमन पुरी और मदन पुरी पहले से ही फिल्मों में सक्रिय थे, इसके बावजूद अमरीश पुरी को फिल्मों में आने के लिए लंबे वक्त तक इंतजार करना पड़ा. 38 साल की उम्र में प्रेम पुजारी के जरिए उन्हें पहला ब्रेक मिला.
4) अमरीश पुरी अपनी आवाज के लिए दुनिया भर में मशहूर थे. कहा जाता है कि वो अपनी आवाज को और प्रभावशाली बनाने के लिए नियमित रूप से 2 घंटे रियाज किया करते थे.
5) हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर स्टीवन स्पीलबर्ग नें उन्हें अपनी फिल्म में काम करने का न्योता दिया था. कहते हैं कि स्क्रीन टेस्ट के लिए अमेरिका बुलाया, पर अमरीश पुरी ने मना कर दिया और कहा कि इसके लिए उन्हें खुद भारत आना होगा. खैर स्पीलबर्ग भारत आए और अपनी मूवी इंडिआना जोंस टेम्पल ऑफ डूम के लिए पुरी को चुन भी लिया.
6) अमरीश पुरी कॉमर्शियल और पेरेलल दोनों तरह के सिनेमा में सफल रहे. विलेन के अलावा उन्होंनें करियर में चरित्र अभिनेता के तौर पर सकारात्मक रोल भी किए. विरासत, मुस्कराहट, चाची 420 इसका अच्छा उदाहरण हैं.
7) अमरीश ने फिल्म सूरज का सातवा घोड़ा के लिए सिडनी फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी जीता था.
8) अमरीश पुरी ने शेखर कपूर की फिल्म मिस्टर इंडिया में मोगैम्बो का रोल किया था. ये रोल उन्होंने कुछ ऐसा किया कि उन्हें मोगैम्बो के उपनाम से बुलाया जाने लगा. इस फिल्म में अनिल कपूर और श्रीदेवी मुख्य भूमिकाओं में थे.
अनुज कुमार शुक्ला