सत्यजीत रे को भारतीय फिल्म जगत के सबसे दिग्गज निर्देशकों में गिना जाता है. उनकी उपलब्धियां और काम को लेकर उनके जुनून की फिल्म जगत में आज भी मिसालें दी जाती हैं. सत्यजीत के सबसे उत्कृष्ठ कामों में एक काम ये भी है कि उन्होंने सबसे खूबसूरत ढंग से बनारस को अपनी फिल्मों में दिखाया. उनकी फिल्म अप्पू संसार में उन्होंने जिस अंदाज में बनारस को दर्शाया है, लोग उसके आज भी कायल हैं.
साल 1959 में सत्यजीत रे ने ही शर्मिला टैगोर को लॉन्च किया था. उन्होंने अपनी बंगाली फिल्म अपूर संसार में शर्मिला को पहली बार काम कराया था. सत्यजीत रे भारतीय सिनेमा के एकमात्र ऐसे फिल्मकार हैं जिनकी झोली में पद्मश्री से पद्म विभूषण तक और ऑस्कर अवॉर्ड से लेकर दादासाहेब फाल्के पुरस्कार हैं.
सत्यजीत रे को 32 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से भी उन्हें नवाजा जा चुका है. सत्यजीत बॉलीवुड के बेहद वर्सटाइल निर्देशक थे. उन्हें बॉलीवुड के ऐसे निर्देशक के तौर पर जाना जाता है जो अपनी फिल्मों में किरदारों को कम से कम या जीरो मेकअप दिया करते थे.
सत्यजीत रे को 32 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से भी उन्हें नवाजा जा चुका है. सत्यजीत बॉलीवुड के बेहद वर्सटाइल निर्देशक थे. उन्हें बॉलीवुड के ऐसे निर्देशक के तौर पर जाना जाता है जो अपनी फिल्मों में किरदारों को कम से कम या जीरो मेकअप दिया करते थे.
2 मई 1921 में बंगाल में जन्में सत्यजीत रे फिल्मकार से पहले चित्रकार, कहानीकार, ग्राफिक डिजाइनर होने के साथ फिल्म आलोचक भी थे.