आज से 12 साल पहले 2007 में सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल लोगों के बीच काफी लोकप्रिय था. इसी शो के पहले और दूसरे सीजन के बाद इंडियन आइडल सीजन 3 में आए प्रशांत तमांग ने लोगों में इंडियन आइडल के लिए दीवानगी कुछ और बढ़ा दी. भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोग उनकी आवाज और गाने के फैन हो गए. लेकिन इंडियन आइडल 3 के इस विजेता को बॉलीवुड में कोई पहचान नहीं मिल पाई. पर उनके टैलेंट ने उन्हें आज बुलदियों पर पहुंचा दिया है. इंडियन आइडल से निकलने के बाद प्रशांत ने क्या किया, आइए जानें इस बारे में कुछ दिलचस्प बातें.
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में जन्में प्रशांत तमांग मूल रूप से नेपाली हैं. उन्होंने दार्जिलिंग के सेंट रॉबर्ट स्कूल से पढ़ाई की है. एक हादसे में पिता को गंवाने के बाद प्रशांत अपने पिता की जगह कोलकाता पुलिस में भर्ती हो गए थे. यहां प्रशांत बतौर कॉन्सटेबल कार्यरत थे. इस दौरान वे पुलिस ऑर्केस्ट्रा के लिए गाना भी गाया करते थे. वहां भी उनके सहकर्मियों ने इंडियन आइडल में ऑडिशन देने के लिए खूब प्रोत्साहित किया.
इंडियन आइडल जीतने के बाद प्रशांत को बतौर ईनाम 1 करोड़ रुपए और एक गाड़ी दी गई. 2007 में उनका म्यूजिक एलबम धन्यवाद और 2008 में नमस्ते रिलीज हुआ. दोनों ही एलबम को लोगों ने बहुत पसंद किया. जिस शख्स को आज तक कोई नहीं जानता था, उसे अब घर-घर में पहचाना जाने लगा. लेकिन उनकी पहचान कुछ ही समय तक के लिए सीमित रह गई. जिस हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में प्रशांत ने गाने का सपना देखा था, वो पूरा नहीं हो सका.
लेकिन उनके टैलेंट को नेपाली सिनेमा में पहचान मिली. आज प्रशांत नेपाली सिनेमा के एक जाने-माने सिंगर और एक्टर दोनों हैं. 2010 में उनकी नेपाली फिल्म गोरखा पलटन आई. फिल्म में प्रशांत ने प्लेबैक सिंगर और एक्टर दोनों का काम किया. फिल्म को ऑडियंस ने पसंद किया और फिल्म ने अच्छा बिजनेस किया.
2011 में अंगालो यो माया को, किन माया मा, 2014 में निशानी, 2015 में परदेसी और 2016 में ये माया हनईमा फिल्म रिलीज हुई. इनमें निशानी और परदेसी काफी हिट रही थी. प्रशांत का एक गाना 'आसारे मईनामा' बेहद पॉपुलर हुआ था.