झांसी की सत्ता संभालते हुए कंगना शपथ लेते वक्त कहती हैं- ''मैं लक्ष्मीबाई, प्रतिज्ञा करती हूं. जब तक मेरे शरीर में रक्त है. मैं पूर्ण निष्ठा से झांसी की सेवा करूंगी.''
अंग्रेजी हुकूमत लक्ष्मीबाई को महल खाली करने का आदेश फरमाती है, जिसके बाद कंगना कहती हैं- ''मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी. ''
अंग्रेजों से लड़ते हुए कंगना कहती हैं- ''हम लड़ेंगे ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी आजादी का उत्सव मनाएं. हम लड़ेंगे और छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज के सपने को पुन: जीवित करेंगे.''
महिला सेना को संबोधित करते हुए कंगना कहती हैं- ''जब बेटी उठ खड़ी होती है, तभी विजय बड़ी होती है. ''
फिल्म में अतुल कुलकर्णी कंगना की सेना में अहम किरदार निभा रहे हैं. ट्रेलर में वे कंगना को चेतावनी देते हुए कहते हैं- ''अंग्रेजी सत्ता तुम्हारी मिसाल बनाना चाहती है, लटकाना चाहती है तुम्हारे कटे हुए सिर को झांसी में.''
अंग्रेजी सत्ता से लड़ते हुए कंगना का दमदार डायलॉग- ''मैं वो मसाल बनूंगी जो हर भारतीय के अंदर आजादी की भूख बनकर दहकेगी. ''