डॉन 3 विवाद में बड़ा ट्विस्ट! रणवीर के खिलाफ आदेश देने वाली FWICE पर प्रोड्यूसर ने किया केस

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच डॉन 3 को लेकर छिड़ा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. दिलचस्प बात यह है कि इस लड़ाई में सीधे दोनों स्टार्स नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे के बड़े संगठन फंस गए हैं. रणवीर सिंह पर नॉन-कोऑपरेशन ऑर्डर जारी करने वाली FWICE को दिग्गज प्रोड्यूसर टी पी अग्रवाल ने कोर्ट में घसीट लिया है.

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रणवीर सिंह पर 'बैन' लगाने वाली FWICE के खिलाफ प्रोड्यूसर पहुंचे कोर्ट (Photo: FB/@TpAgrawal; Instagram/@ranveersingh) रणवीर सिंह पर 'बैन' लगाने वाली FWICE के खिलाफ प्रोड्यूसर पहुंचे कोर्ट (Photo: FB/@TpAgrawal; Instagram/@ranveersingh)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच डॉन 3 को लेकर छिड़ा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. दिलचस्प खेल ये है कि कोर्ट में न रणवीर पहुंचे हैं, न फरहान. मगर इस पूरे मामले में रणवीर पर प्रेशर बनाने का काम कर रही फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज (FWICE) को वेटरन प्रोड्यूसर टी पी अग्रवाल ने कोर्ट में घसीट लिया है. उन्होंने FWICE के साथ इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के खिलाफ भी कोर्ट में पिटीशन दी है.

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टी पी अग्रवाल के केस का रणवीर सिंह से कनेक्शन

डॉन 3 विवाद में सबसे चौंकाने वाला मोड़ था रणवीर सिंह के खिलाफ FWICE का 'नॉन कोऑपरेशन' ऑर्डर. इस ऑर्डर का मतलब था कि FWICE के सदस्य, 5 लाख आर्टिस्ट्स और टेक्नीशियन्स में से कोई रणवीर के प्रोजेक्ट्स पर काम नहीं करेगा. मतलब ये आदेश एक 'अनऑफिशियल बैन' जैसा था.

लेकिन अब टी पी अग्रवाल ने FWICE और IMPPA के खिलाफ दिंडोशी (महाराष्ट्र) के बॉम्बे सिविल कोर्ट में पिटीशन दी है. अग्रवाल ने पिटीशन में कहा है कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को फिल्म इंडस्ट्री के सदस्यों के खिलाफ बैन लगाने या नॉन-कोऑपरेशन ऑर्डर जारी करने का अधिकार नहीं है.

टी पी अग्रवाल, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नामों में गिने जाते हैं और 17 साल तक खुद IMPPA के अध्यक्ष रह चुके हैं. वो चार बार फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) के अध्यक्ष भी चुने गए और फिलहाल FFI और IMPPA दोनों के संरक्षक (पैट्रन) के रोल में अपना भौकाल बनाए हुए हैं.

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'बैन लगाने का अधिकार किसी को नहीं'

बॉलीवुड हंगामा के अनुसार, अग्रवाल ने इस मामले पर कहा, 'फिल्म इंडस्ट्री सहयोग की भावना पर चलती है और इस तरह के मामलों का समाधान कानूनी और पेशेवर प्रक्रियाओं के जरिए होना चाहिए. किसी व्यक्ति के साथ काम करने से लोगों को हतोत्साहित करने की कोशिश को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. ऐसी कार्रवाइयों का लोगों के रोजगार और क्रिएटिव फ्रीडम पर लंबा असर पड़ सकता है. इसलिए इन मामलों को निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनी तरीके से ही सुलझाया जाना चाहिए.'

अग्रवाल ने कहा कि FWICE ने जो किया वो पूरी तरह गलत है और ये उनके अधिकार-क्षेत्र में नहीं आता. "हम 2017 में इस मुद्दे को लेकर कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) तक गए थे. अदालत ने भी फैसला दिया था कि वे ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि यह उनके अधिकारों के दायरे में नहीं आता" अग्रवाल ने कहा.

अब ये देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट इस मामले पर क्या फैसला सुनाता है. डॉन 3 विवाद में फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट की तरफ खड़ी नजर आ रही FWICE अब खुद कोर्ट केस में फंस गई है. इसलिए फिल्मचियों के बीच बड़ा सवाल ये है कि अब फरहान रणवीर की शिकायत लेकर आखिर कहां जाएंगे.

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