फिल्म इंडस्ट्री में कई सालों से नेपोटिज्म पर डिबेट हो रही है. हर सेलेब्रिटी का इसे लेकर अपना अलग नजरिया है. नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री द रोमांटिक्स में फिल्ममेकर (यशराज बैनर हैड) आदित्य चोपड़ा ने नेपोटिज्म पर अपनी राय रखते हुए भाई उदय के फ्लॉप करियर का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कैसे एक बड़े फिल्ममेकर होकर भी वे अपने भाई को स्टार नहीं बना पाए.
आदित्य चोपड़ा ने क्या कहा?
द रोमांटिक्स में आदित्य चोपड़ा ने कहा- एक चीज है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज करते हैं, वो ये कि हर कोई जो फिल्मी बैकग्राउंड से है सक्सेसफुल नहीं है. मैं इस बात को बाकी लोगों को मेंशन किए बिना स्पष्ट कर सकता हूं. मैं इसे अपनी खुद की फैमिली के जरिए स्पष्ट कर सकता हूं. मेरा भाई एक एक्टर है. वो बहुत सक्सेसफुल नहीं है. वो बहुत बड़े फिल्ममेकर का बेटा है. वो फिल्ममेकर का भाई है. सोचिए यशराज जैसी कंपनी ने कई न्यूकमर्स को लॉन्च किया है, लेकिन हम उदय चोपड़ा को स्टार नहीं बना पाए.
''लोगों ने मुझे एक फिल्ममेकर के तौर पर अपनाया, तो वहीं दूसरी ओर हम उदित को स्टार नहीं बना सके. उदित एक बेहतरीन एक्टर है, लेकिन ऑडियंस ने उन्हें स्वीकार नहीं किया है. पहली फिल्म और धूम के बावजूद उदित का लोगों के दिलों में जगह बना पाना बड़ा मुश्किल था. बॉटम लाइन ये है कि ऑडियंस केवल उन्हीं को पसंद या एक्सेप्ट करती है, जिसे वो करना चाहती है. उन्हें ये फर्क नहीं पड़ता है कि आप किस फैमिली बैकग्राउंड से ताल्लुक रखते हैं.''
फ्लॉप हीरो साबित हुए उदय
उदय चोपड़ा की बात करें तो उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर की थी. उनकी पहली फिल्म लम्हें थी. इसके बाद उदय ने डर, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, दिल तो पागल है जैसी मूवी में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया. 2000 में आई फिल्म मोहब्बतें से उदय चोपड़ा डेब्यू किया था. इसके बाद वे मेरे यार की शादी है, मुझसे दोस्ती करोगे, धूम जैसी मूवीज में दिखे. उदय कभी लीड हीरो नहीं बन पाए. कुछ मूवीज में सपोर्टिंग हीरो उनका काम पंसद किया गया. उदय ने कई मूवीज प्रोड्यूस भी की हैं. पर एक्टिंग फील्ड से वे धीरे-धीरे गायब होते गए. वे आखिरी बार धूम 3 में दिखे थे.
फ्लॉप करियर पर क्या बोले उदय?
वहीं उदय भी अपने फेल्यॉर पर खुलकर बात करते हुए कहते हैं, बहुत से कारण हो सकते हैं. एक तो मेरी अपीयरेंस कन्वेंशनल हीरो की तरह नहीं रही है. मैं उनकी तरह बॉडी या लुक में नहीं था. हालांकि एक्टिंग तो मेरी डिसेंट रही है. मैं सोचता था कि मैं जिस तरह लोगों को दिखाना चाहता था, दर्शक उस रूप में मुझे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे. और मुझे इसमें कोई गुरेज भी नहीं है. दोबारा एक्टिंग में वापसी पर उदय कहते हैं, मैंने सोचा नहीं है और न ही मुझे इससे इंकार है. अगर अच्छा मौका रहेगा, तो मैं एक बार जरूर सोचूंगा.
(इनपुट- नेहा वर्मा)
aajtak.in