आशा भोसले के निधन के बाद अब सिर्फ उनकी विरासत, उनके गाने ही नहीं, बल्कि उनका पूरा परिवार भी चर्चा में है. वो परिवार जिसने भारतीय संगीत को दशकों तक दिशा दी. ये कहानी सिर्फ आशा भोसले की नहीं, बल्कि उस मंगेशकर परिवार की है, जिसने सुरों की विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया.
आशा भोसले के पिता दीनानाथ मंगेशकर मराठी थिएटर और शास्त्रीय संगीत के बड़े नाम थे. उनकी पहचान सिर्फ एक गायक के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे गुरु के रूप में भी थी, जिन्होंने अपने बच्चों को संगीत की बारीकियां सिखाईं.
हालांकि 42 साल की उम्र में ही उनके निधन के बाद परिवार पर जिम्मेदारियों का पहाड़ टूट पड़ा और यहीं से शुरू हुआ मंगेश्कर बहनों के संघर्ष और सफलता का सफर.
गौर करने बात ये रही कि भले ही कला में लता-आशा दोनों को बेहतरीन तालीम मिली, दोनों बहनों ने खूब गाने गाए, पैसा भी खूब कमाया लेकिन बावजूद इसके आशा लता से शोहरत में पीछे रह गईं.
मंगेशकर फैमिली ने सिनेमा जगत को कई कलाकार दिए. इन्हें सुरों का घराना कहा जाता है. दीनानाथ मंगेशकर और उनकी पत्नी शेवंती (माई) मंगेशकर के पांच बच्चे थे. सबसे बड़ी बेटी स्वर कोकिला लता मंगेश्कर थीं- जो भारत की सबसे महान सिंगर्स में गिनी जाती हैं.
लता ने अपने करियर में 14 से अधिक भाषाओं में लगभग 50,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं. भारत रत्न लता मंगेश्कर का निधन 2022 में 92 की उम्र में हुआ.
आशा भोसले ने भी 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. इन्होंने विदेशी भाषाओं से लेकर हिंदी-मराठी समेत कई रीजनल लैंग्वेज में 12 हजार से ज्यादा गाने गाए. आशा के नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी हैं.
लता-आशा के छोटे भाई हृदयनाथ मंगेशकर परिवार के इकलौते बेटे हैं. वो भी मशहूर संगीतकार और गायक हैं. मराठी सिनेमा का बड़ा नाम हृदयनाथ ने हिंदी सिनेमा से लेकर अलग-अलग भाषा के लिए 300 से ज्यादा गाने गाए हैं. आज भी संगीत की दुनिया में उनका नाम सम्मान से लिया जाता है.
उषा मंगेशकर जानी-मानी सिंगर, जिन्होंने कई भजन और फिल्मी गाने गाए. वो खासतौर से 70 से 80 की दशक में एक्टिव थी. उनका मैं तो आरती उतारूं रे संतोषी माता की आज भी कई गुनगुनाया जाता है. बावजूद इसके उन्हें आशा-लता जैसी सक्सेस नहीं मिली.
मीना खाडिकर मंगेश्कर परिवार की सबसे छोटी बेटी हैं. परिवार की विरासत संभालते हुए इन्होंने भी फिल्मी दुनिया में कदम रखा और सिंगर और म्यूजिक कंपोजर बनीं, लेकिन वो मुकाम हासिल नहीं हुआ. मीना अब अब लाइमलाइट से दूर हैं.