कांग्रेस खोलेगी वादों के पिटारे, राहुल के इन 4 वादों में दिखी घोषणापत्र की झलक

देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ने मिशन 2019 के तहत जीत हासिल करने के लिए आज अपना घोषणापत्र जारी कर दिया. इस घोषणापत्र में कई बड़ी बातें कही गई हैं. पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी पहले भी कई बार अपने विजन को देश के सामने रख चुके हैं.

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 1:20 PM IST

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज मंगलवार को लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस दौरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद रहे. लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर रही और लगातार चुनाव में जीत हासिल करने का दावा कर रही है. कांग्रसे ने  'जन आवाज' नाम से घोषणापत्र जारी किया जिसके मुख्य पृष्ठ पर लिखा है 'हम निभाएंगे'. अपने घोषणापत्र के जरिए कांग्रेस ने देश के कुछ बड़े मुद्दों को छुने की कोशिश की. घोषणापत्र के जरिए न्याय और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता दी है.

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कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में न्याय, रोजगार, स्टार्ट अप और किसानों के 4 बड़े मुद्दों को उठाया जो लोकसभा चुनाव में बड़े मुद्दे बन सकते हैं. जानते हैं कि ये 4 बड़े मामले कैसे कांग्रेस के लिए इस आम चुनाव में गेम चेंजर बन सकते हैं.

1. न्याय योजना

कांग्रेस की न्याय योजना इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा है. राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया था, जिसके तहत देश के 20 फीसदी गरीब लोगों को सालाना 72,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. राहुल के मुताबिक, उनका लक्ष्य आम आदमी की न्यूनतम आय 12,000 रुपये मासिक तक करने का है. इस योजना के ऐलान के बाद से ये चर्चा में बनी हुई है. घोषणापत्र जारी करने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि 72 हजार, गरीबी पर वार. राहुल गांधी ने कहा कि घोषणापत्र में सिर्फ पांच बातों पर फोकस है, क्योंकि कांग्रेस का लोगो ही पंजा है. सबसे पहले बात न्याय की आय, जिसके जरिए हम सभी के खातों में पैसा डालेंगे, 'गरीबी पर वार, 72 हजार' ये पैसे हर साल दिए जाएंगे. इससे सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा.

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2. 22 लाख भर्तियां

राहुल गांधी ने हाल ही में ट्वीट कर ऐलान किया था कि उनकी सरकार बनेगी तो केंद्र में खाली पड़े 22 लाख पदों पर भर्तियां चालू करेंगे. राहुल गांधी ने इसके लिए 30 मार्च 2020 का लक्ष्य भी रखा है. गौरतलब है कि इन दिनों रोजगार के मुद्दे पर पहले ही केंद्र सरकार बैकफुट पर है और राहुल भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं. घोषणापत्र जारी करने के बाद रोजगार के बारे में राहुल गांधी ने कहा कि हम 10 लाख युवाओं को सीधे ग्राम पंचायत में ही रोजगार देंगे. 2020 तक 22 लाख सरकारी पदों को भरा जाएगा.

3. स्टार्ट अप

युवा वोटरों को रिझाने के लिए राहुल गांधी ने स्टार्टअप के प्लान को आगे रखा था. उन्होंने ट्वीट कर बताया था कि अगर आपके (युवाओं) पास कोई आइडिया है, तो आप उस पर काम शुरू कीजिए ना कोई एंजेल टैक्स लगेगा और ना ही कोई रेड टेप का झंझट. इस बार करीब 1 करोड़ से अधिक वोटर ऐसे हैं जो पहली बार वोट डाल रहे हैं, ऐसे में युवा शक्ति के लिए राहुल का प्लान मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान के युवाओं को रोजगार खोलने के लिए किसी की परमिशन की जरूरत नहीं. शुरुआती तीन साल के लिए आपको किसी की मदद नहीं चाहिए, आप सीधा अपना रोजगार खोलिए.

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4. किसानों की सुध

किसानों की बदहाली पर कांग्रेस ने सुध लेने की कोशिश की है. घोषणापत्र जारी करने के दौरान राहुल गांधी ने ऐलान किया कि हम किसानों के लिए अलग से बजट लाएंगे. जैसे रेल के लिए अलग बजट होता था, वैसे ही किसानों के लिए भी अलग से बजट लाया जाएगा ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके लिए कितना खर्च हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि अगर किसान कर्ज नहीं चुका पाता है तो उस पर आपराधिक मुकदमा नहीं बल्कि सिविल मुकदमा चलेगा

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