PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन सवालों के घेरे में, चुनाव आयोग करेगा जांच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार दोपहर दिए देश के नाम संदेश की जांच अब चुनाव आयोग की विशेषज्ञ टीम आचार संहिता की कसौटी पर करेगी. इस विशेष जांच कमेटी की अगुआई आयोग में आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रभारी उप निर्वाचन आयुक्त डॉ. संदीप सक्सेना करेंगे. फिलहाल आयोग ने जांच कमेटी के अन्य सदस्यों और रिपोर्ट देने के लिए समय सीमा को लेकर कोई खुलासा अब तक नहीं किया है.

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PM Modi speaking on Mission Shakti (Courtesy- PTI) PM Modi speaking on Mission Shakti (Courtesy- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 11:22 PM IST

चुनाव आयोग ऑपरेशन शक्ति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश मामले की जांच करेगा. राजनीतिक दलों की ओर से इस संबंध में सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया है. चुनाव आयोग ने अधिकारियों की एक कमेटी को इस मामले की तुरंत जांच करने का निर्देश दिया है ताकि यह तय किया जा सके कि इससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है या नहीं. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने सबसे पहले पत्र लिखकर चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार दोपहर दिए देश के नाम संदेश की जांच अब चुनाव आयोग की विशेषज्ञ टीम आचार संहिता की कसौटी पर करेगी. इस विशेष जांच कमेटी की अगुआई आयोग में आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रभारी उप निर्वाचन आयुक्त डॉ. संदीप सक्सेना करेंगे. फिलहाल आयोग ने जांच कमेटी के अन्य सदस्यों और रिपोर्ट देने के लिए समय सीमा को लेकर कोई खुलासा अब तक नहीं किया है.

चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक आयोग इस पर आंतरिक तौर पर सलाह मशविरा कर रहा है. आयोग ने अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश की लिखित प्रति मुहैया कराई है. डॉ. सक्सेना की अगुआई में टीम इसके एक-एक शब्द पर गहराई से विचार कर रही है.

बता दें कि पार्टियों ने इस पर ऐतराज जताते हुए चुनाव आयोग से पूछा कि आखिर पीएम को राष्ट्र के नाम संबोधन की इजाजत क्यों दी गई?  येचुरी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि यह चुनाव आचार सहिंता का उल्लंघन है. टीएमसी और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी ने भी पीएम के राष्ट्र के नाम संबोधन पर ऐतराज जताया था.

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कांग्रेस ने भारत की उपग्रह रोधी मिसाइल क्षमता के सफल परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए केंद्र सरकार पर वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि का भी श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया. अन्य विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग से शिकायत की कि इससे आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है.   

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 'मिशन शक्ति' की सफलता के लिए डीआरडीओ की सराहना की और राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वह मोदी को ''विश्व रंगमंच दिवस'' की बधाई देते हैं. राहुल ने ट्वीट कर कहा, 'बहुत खूब डीआरडीओ, आपके कार्य पर हमें गर्व है.' उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा, 'मैं प्रधानमंत्री को विश्व रंगमंच दिवस की बधाई भी देना चाहता हूं.'

वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी ने खुद को एक घंटे तक 'मुफ्त टीवी टाइम' दिलाकर जमीनी मुद्दों से देश का ध्यान भटका दिया. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदा लेने के लिए की गई यह एक और बेइंतहा नौटंकी है. जबकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पिछली यूपीए सरकार ने देश को अपना एंटी-सैटेलाइट मिसाइल बनाने के लिए वैज्ञानिकों को अनुमति नहीं दी क्योंकि उसमें ‘काबिलियत और स्पष्टता’ नहीं थी.

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एच डी कुमारस्वामी ने ए-सैट की सफलता को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि करार दिए जाने पर सवाल उठाए और पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि वह ‘किसी और के किए गए काम का इस्तेमाल’ कर वोट मांग रहे हैं. कुमारस्वामी ने कहा, ‘क्या यह (मोदी सरकार की) बड़ी उपलब्धि है? देश में इस उद्देश्य के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम है. वे नियमित रूप से अपना काम करते हैं, चाहे किसी भी की सरकार क्यों नहीं हो.’

क्या बोले थे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ऐलान किया कि भारत ने अंतरिक्ष में एंटी-सेटेलाइट मिसाइल से एक ‘लाइव’ सेटेलाइट को मार गिराकर अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर दर्ज करा लिया है और भारत ऐसी क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है. ‘मिशन शक्ति’ अभियान की सफलता के बाद भारत के वैश्विक अंतरिक्ष महाशक्ति के रूप में स्थापित हो जाने की घोषणा करते हुए मोदी ने कहा, ‘हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किमी दूर पृथ्वी की निचली कक्षा (एलईओ) में एक लाइव सेटेलाइट को मार गिराया है. यह लाइव सेटेलाइट एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, जिसे एंटी-सेटेलाइट मिसाइल द्वारा मार गिराया गया. यह अभियान तीन मिनट में सफलतापूर्वक पूरा किया गया.’

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