छोटे व्यापारियों, टैक्सपेयर्स को राहत, जानें इकोनॉमी पर क्या है BJP के संकल्प पत्र में

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सोमवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया. इकोनॉमी के मोर्चे पर सुधार के लिए इसमें कई वादे किए गए हैं. युवा उद्यमियों, छोटे व्यापारियों को राहत का वादा किया गया है, तो करों में कटौती आगे भी जारी रखने के संकेत दिए गए हैं.

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बीजेपी ने सोमवार को जारी किया अपना मेनिफेस्टो बीजेपी ने सोमवार को जारी किया अपना मेनिफेस्टो

दिनेश अग्रहरि

  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए सोमवार को अपना मेनिफेस्टो जारी कर दिया है. बीजेपी ने इसे संकल्प पत्र नाम दिया है. इस संकल्प पत्र में युवाओं, टैक्स पेयर्स, व्यापारियों के लिए कई तरह के वादे किए गए हैं. बीजेपी ने करों की दरें लगातार कम करते रहने का वादा किया है. बीजेपी ने साल 2025 तक भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की और सन 2032 तक 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है. बीजेपी के संकल्प पत्र में कारोबार और उद्योग जगत के लिए क्या घोषणाएं की गई हैं, उसका एक-एक बिंदु आप यहां पढ़ सकते हैं.

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क्या और घटेगी इनकम टैक्स देनदारी

बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र कहा है कि वह करों की दरें घटाने की नीति को जारी रखेगी. संकल्प पत्र में कहा गया है कि जीएसटी से राजस्व संग्रह बढ़ा है. बीजेपी सत्ता में फिर आने पर सभी पक्षों से बात कर जीएसटी को और सरल बनाने की प्रक्रिया जारी रखेगी. बीजेपी ने कहा है कि इससे ईमानदार करदाता को फायदा होगा और रोजगार स्वीकृति बढ़ेगी. गौरतलब है कि इस साल के अंतरिम बजट में कार्यवाह वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने पांच लाख तक के सालाना आय वाले लोगों को टैक्स देनदारी से राहत प्रदान की है. हालांकि लोग यह उम्मीद कर रहे थे कि सरकार आठ लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त करेगी, क्योंकि आर्थिक आधार पर आरक्षण की शर्त में 8 लाख तक की सालाना आय वालों को गरीब माना गया है.

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इस बात की भी मांग की जा रही है कि बिना किसी शर्त के पांच लाख रुपये तक की आय को पूरी तरह से कर मुक्त किया जाए. अभी बजट में जो घोषणा हुई है, उसके मुताबिक सरकार एकमुश्त रीबेट देने की बात कर रही है. बीजेपी के संकल्प पत्र से यह संकेत मिलता है कि आगे अगर बीजेपी की सरकार आई तो वह ऐसा कर सकती है.

भगोड़ कारोबारियों को वापस लाने का प्रयास तेज होगा

देश के ईमानदार करदाताओं तथा गरीब को लाभ पहुंचाने के लिए बेनामी संपत्त‍ि और विदेशी बैंकों में मौजूद अवैध खातों पर शिकंजा कसा जाएगा. भगोड़े आर्थ‍िक अपराधियों को भारत वापस लाने और उन पर मुकदमा चलाने का प्रयास तेज होगा.

छोटे व्यापारियों के लिए वादा

-जीएसटी के तहत पंजीकृत सभी व्यापारियों को 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाएगा.

-किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर ही पंजीकृत व्यापारियों को 'व्यापारी क्रेडिट कार्ड' दिया जाएगा.

- एमएसएमई को मिलने वाली लोन गारंटी के तहत 2017-18 में ही लगभग 19,000 करोड़ रुपये के लोन दिए गए. साल 2024 तक इस आंकड़े को 1,00,000 करोड़ रुपये पहुंचाने का लक्ष्य है. - एमएसएमई में तकनीक की उपलब्धता के लिए सरकार ने ‘तकनीक केंद्रों’ का विस्तार किया है. साल 2024 तक देश भर में ऐसे 150 केंद्र बनाए जाएंगे.

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युवा उद्यमियों के लिए वादा

- युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए ऐसे उद्यमियों को 50 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी सिक्योरिटी के लिए देने की नई योजना आएगी. महिला उद्यमियों के 50 फीसदी लोन और पुरुषों के लोन के 25 फीसदी की गारंटी सरकार देगी.

-साल 2024 में देश में 50 हजार नए स्टार्ट अप की स्थापना में मदद दी जाएगी.

-स्टार्ट अप को सहयोग के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का 'सीड स्टार्टअप फंड' की स्थापना की जाएगी.

बुनियादी ढांचे में 100 लाख करोड़ निवेश

बीजेपी ने अगले पांच साल यानी साल 2024 तक बुनियादी ढांचे में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया है. बीजेपी ने निवेश आधारित वृद्धि की बुनियाद पर नया भारत बनाने का वादा किया है.

-बीजेपी ने जीडीपी में खनन क्षेत्र का योगदान 2.5 फीसदी तक करने का लक्ष्य रखा है.

मेक इन इंडिया

बीजेपी ने कहा कि मेक इन इंडिया और एफडीआई के नियम आसान बनाने जैसे कदमों से पिछले पांच साल में देश में एफडीआई प्रवाह में 50 फीसदी की बढ़त हुई है. अगले पांच वर्ष में भारत को मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए निम्न कदम उठाए जाएंगे-  

कारोबार सुगमता की शीर्ष 50 सूची में- पिछले चार वर्षों में भरत वर्ल्ड बैंक के ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस सूचकांक में 65 पायदान ऊपर आ गया है. बीजेपी इसके शीर्ष 50 में शामिल कराने के लिए लगातार काम करेगी.

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कंपनी अधिनियम को मजबूत बनाना- कारोबार को सुगम बनाने के लिए बीजेपी सरकार में आने पर कंपनी अधिनियम में संशोधन करेगी तथा मामूली एवं तकनीकी आर्थ‍िक अपराधों के मामलों को दीवानी देनदारी माना जाएगा, ताकि अदालतों में इस तरह के मुकदमे खत्म हों.

नई औद्योगिक नीति-  मैन्युफैक्चरिंग एवं सेवाओं में प्रतिस्पर्धा सुधारने के लिए नई औद्योगिक नीति की घोषणा की जाएगी ताकि आर्ट‍िफिशियल इंटेलीजेंस और इलेक्ट्र‍ि‍क मोबिलिटी जैसी नई तकनीक के लिए देश तैयार हो सके.

विकास के लिए क्लस्टर-  ऐसे क्लस्टर/नेटवर्क तैयार करने में निवेश किया जाएगा जिससे भारतीय उद्योग दुनिया के सबसे अच्छे उद्यो्गों से टक्कर ले सकें.

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