बेगूसराय सीट पर वोटों की गिनती खत्म हो गई है. बेगूसराय सीट पर बीजेपी उम्मीदवार गिरिराज सिंह जीत गए हैं. गिरिराज सिंह ने 4,22,217 वोटों से जीत दर्ज की है. सिंह को कुल 6,92,193 वोट हासिल हुए हैं. वहीं सीपीआई के उम्मीदवार कन्हैया कुमार को 2,69,976 मत प्राप्त हुए हैं.
बेगूसराय बिहार की हाई प्रोफाइल सीट है. यह पूर्वी बिहार में पड़ता है. इस संसदीय क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं. इस संसदीय क्षेत्र का नाम इसलिए भी मशहूर है क्योंकि हिंदी के प्रख्यात कवि और राष्ट्रकवि से सम्मानित रामधारी सिंह दिनकर का यह जन्मस्थान है. सीट पर मतगणना के दौरान मिलने वाले रुझान और अंतिम परिणाम जानने के लिए इस पेज पर बने रहें और इसे रिफ्रेश करते रहें.
कब और कितनी हुई वोटिंग
बेगूसराय लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को चौथे चरण में वोट डाले गए थे. इस सीट पर 1954484 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 1217988 ने वोट डाला. सीट पर कुल 62.32 फीसदी वोटिंग हुई.
प्रमुख उम्मीदवार
बेगूसराय लोकसभा सीट पर सीपीआई के टिकट से कन्हैया कुमार, बीजेपी के टिकट से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राष्ट्रीय जनता दल के टिकट से तनवीर हसन चुनाव मैदान में थे.
2014 का चुनाव
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में डॉ. भोला सिंह ने आरजेडी के प्रत्याशी तनवीर हसन को हराया था. डॉ. सिंह को 4 लाख 28 हजार 227 वोट मिले थे, जबकि हसन को 3 लाख 69 हजार 892 वोटों से संतोष करना पड़ा था. डॉ. सिंह को 39.72 प्रतिशत और हसन को 34.31 प्रतिशत वोट मिले थे. इस इलाके में सीपीआई की अच्छी पकड़ है. साल 2014 के चुनाव में सीपीआई प्रत्याशी राजेंद्र प्रसाद सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे. उन्हें एक लाख 92 हजार 639 वोट मिले थे. वोट प्रतिशत की बात करें, तो सीपीआई को 17.87 प्रतिशत मत हासिल हुए थे. इस चुनाव में चौथे और पांचवें स्थान पर निर्दलीय थे.
सामाजिक ताना-बाना
2011 की जनगणना के मुताबिक बेगूसराय की कुल आबादी 29,70,541 और सारक्षरता दर 59.13 प्रतिशत है. इस संसदीय क्षेत्र में कुल 7 विधानभा सीटें हैं. इनके नाम हैं-छेरिया बरियारपुर, मटिहानी, बखरी, बछवाड़ा, साहेबपुर कमल, तेघरा और बेगूसराय. इस सात सीटों में बखरी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.
सीट का इतिहास
1952, 1957 और 1962 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के मथुरा प्रसाद मिश्रा को जीत मिली. 1967 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के योगेंद्र शर्मा विजयी हुए. 1971 में श्याम नंदन मिश्रा कांग्रेस के टिकट पर और 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर जीते. 1980 और 1984 में कांग्रेस के कृष्णा साही लोकसभा पहुंचे. 1989 में जनता दल के ललित विजय सिंह को जनादेश मिला. 1991 में कांग्रेस के टिकट से कृष्णा साही विजयी हुए. 1996 में निर्दलीय रामेंद्र कुमार को जनता ने चुना. 1998 में कांग्रेस के राजो सिंह को जीत मिली. 1999 में आरजेडी के राजवंशी महतो विजयी रहे. 2004 में जेडीयू के राजीव रंजन सिंह लोकसभा पहुंचे. 2009 में जेडीयू के डॉ. मोनाजिर हसन को जनादेश मिला. 2014 में बीजेपी के भोला सिंह जीते.
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aajtak.in / पुनीत सैनी