बांसगांव लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के कमलेश पासवान ने जीत हासिल की है. कमलेश को 546673 वोट मिले. वहीं, बहुजन समाज पार्टी के सदल प्रसाद 393205 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. इस सीट पर सिर्फ 4 उम्मीदवारों के बीच लड़ाई थी. इस बार यहां पर 55.28 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले. कांग्रेस के उम्मीदवार का टिकट खारिज कर दिए जाने के बाद यहां पर मुख्य लड़ाई भारतीय जनता पार्टी के कमलेश पासवान, बहुजन समाज पार्टी के सदल प्रसाद, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के सुरेंद्र प्रसाद और निर्दलीय लांलचंद प्रसाद के बीच था. कमलेश 2014 में बीजेपी के ही टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे.
Election Results :
बांसगांव संसदीय सीट पर लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के तहत रविवार (19 मई) को वोट डाले गए थे. यह संसदीय क्षेत्र गोरखपुर जिले के तहत आता है और प्रदेश के अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व 17 सीटों में से एक है. गोरखपुर में 2 संसदीय क्षेत्र हैं जिसमें बांसगांव भी शामिल है. बांसगांव एक नगर पंचायत है और यह शहर ठाकुरों यानी राजपूतों के लिए जाना जाता है, राजपूतों में खासकर श्रीनेत.
2014 में कमलेश पासवान को मिली थी जीत
पिछले आम चुनाव में बांसगांव सुरक्षित संसदीय सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कमलेश पासवान ने जीत हासिल की थी. उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के सदल प्रसाद को हराया था. कमलेश पासवान को चुनाव में कुल 47.6 फीसदी वोट यानी 4,17,959 मत मिले थे जबकि सदल प्रसाद को 2,28,443 (26.0%) मत हासिल हुए. इस तरह से कमलेश ने यह चुनाव 1,89,516 (21.6%) मतों के अंतर से जीत हासिल की थी. मैदान में कुल 12 उम्मीदवार थे. तीसरे स्थान पर सपा के गोरख प्रसाद रहे जिन्हें 15.2% वोट (1,33,675) मिले.
2009 से जीत रही बीजेपी
बांसगांव लोकसभा सीट पर 1962 से 2018 तक हुए 14 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 6 बार चुनाव जीत चुकी है. जबकि बीजेपी ने 1991 ने यहां से जीत का अपना खाता खोला था. यह सीट ओम प्रकाश पासवान के लिए भी जानी जाती है, जिनकी हत्या के बाद उनकी पत्नी सुभावती पासवान (1996) यहां से सांसद बनीं. इसके बाद उनके बेटे कमलेश पासवान लगातार 2 बार (2009 और 2014) से लोकसभा चुनाव जीत रहे हैं.
धर्म आधारित आबादी के आधार पर 93.21 फीसदी आबादी हिंदुओं की है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 6.39 फीसदी (28,626) है. लिंगानुपात के आधार पर देखा जाए तो प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की आबादी 991 है. सामान्य वर्ग के लोगों में यह लिंगानुपात 999 है. साक्षरता दर 71 फीसदी है जिसमें पुरुष 83 फीसदी और महिलाएं 60 फीसदी साक्षर हैं.
चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़ लेटर
aajtak.in